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Ghaziabad News: छज्जे के मलबे में दबकर मौत के मामले में छह माह बाद प्राथमिकी दर्ज
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साहिबाबाद। शालीमार गार्डन थानाक्षेत्र में 15 जुलाई 2025 को छज्जे के मलबे में दबकर हुई श्रमिक की मौत के मामले में पुलिस ने छह माह बाद पांच जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की है।
कार्रवाई हादसे में मारे गए श्रमिक सुमित गौतम की पत्नी राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र निवासी रेखा गौतम की तहरीर पर कोर्ट के आदेश से हुई है। आरोप है कि मकान मालिक ने बिना सुरक्षा उपकरण दिए धमकाकर पति को क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत करने भेजा था। हादसे के बाद आरोपी ने श्रमिक की पत्नी से कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए। पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। तब उन्होंने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई।
दर्ज मामले में रेखा गौतम ने बताया कि 15 जुलाई को पति सुमित अपने बहनोई देशराज के साथ मजदूरी करने गए थे। राजेंद्र नगर लेबर चौक पर उन्हें शालीमार गार्डन बी ब्लॉक निवासी मनीष सक्सेना मिले।
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उन्होंने क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत का काम करने की बात कही। बताया कि जब उनके पति वहां काम करने गए तब मकान मालिक ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध ही नहीं कराए। जब पति ने उपकरण मांगे तब आरोपी ने दबाव बनाते हुए काम करने भेज दिया। छज्जा तोड़ते समय मलबा भरभराकर तीसरी मंजिल से नीचे जा गिरा और उनके पति मलबे में दब गए। जब तक लोगों ने उन्हें बाहर निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
आरोप है कि मनीष सक्सेना ने उनसे कोरे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद पीड़ित पक्ष ने तहरीर नहीं दी थी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने का मामला सामने आया था। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
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कार्रवाई हादसे में मारे गए श्रमिक सुमित गौतम की पत्नी राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र निवासी रेखा गौतम की तहरीर पर कोर्ट के आदेश से हुई है। आरोप है कि मकान मालिक ने बिना सुरक्षा उपकरण दिए धमकाकर पति को क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत करने भेजा था। हादसे के बाद आरोपी ने श्रमिक की पत्नी से कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए। पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। तब उन्होंने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई।
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दर्ज मामले में रेखा गौतम ने बताया कि 15 जुलाई को पति सुमित अपने बहनोई देशराज के साथ मजदूरी करने गए थे। राजेंद्र नगर लेबर चौक पर उन्हें शालीमार गार्डन बी ब्लॉक निवासी मनीष सक्सेना मिले।
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उन्होंने क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत का काम करने की बात कही। बताया कि जब उनके पति वहां काम करने गए तब मकान मालिक ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध ही नहीं कराए। जब पति ने उपकरण मांगे तब आरोपी ने दबाव बनाते हुए काम करने भेज दिया। छज्जा तोड़ते समय मलबा भरभराकर तीसरी मंजिल से नीचे जा गिरा और उनके पति मलबे में दब गए। जब तक लोगों ने उन्हें बाहर निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
आरोप है कि मनीष सक्सेना ने उनसे कोरे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद पीड़ित पक्ष ने तहरीर नहीं दी थी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने का मामला सामने आया था। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।