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Ghaziabad News: साझीदार बनाने का झांसा देकर पिता-पुत्र से 76.37 लाख की ठगी
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी एड्रेसेज सोसायटी में रहने वाले पिता-पुत्र से कंपनी में पार्टनरशिप के नाम पर 76.37 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप दिल्ली की बिल्डर कंपनी के संचालक क्षितिज जौहरी पर है। कोर्ट के आदेश पर नंदग्राम थाने में आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि कपलेश्वर त्यागी ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक, 2013 में क्षितिज जौहरी ने ब्लूमून सोसायटी के टावर बी, सी और डी के निर्माण में साझेदारी और मुनाफे का लालच देकर 20.50 लाख रुपये लिए। 15 लाख रुपये एक साल में लौटाने और मुनाफे में हिस्सा देने का भरोसा दिया था। समय पूरा होने पर रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में रुपये देने से इन्कार कर गाली-गलौज की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस से कार्रवाई न होने पर कोर्ट का सहारा लिया।
वहीं अश्वनी त्यागी ने बताया कि 2013 में वीवीआईपी एड्रेसेज सोसायटी के टावर-वी का निर्माण ठेका दिल्ली आनंद विहार के सूरजमल विहार निवासी क्षितिज जौहरी की फर्म को मिला था। आरोपी ने 60-40 प्रतिशत साझेदारी का प्रस्ताव देकर 25 लाख निवेश कराए। निर्माण के दौरान लेबर ठेकेदारों और सप्लायरों का भुगतान भी कराया। इस तरह करीब 30.87 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान उन्होंने किया। कुल 55.87 लाख बकाया हो गए।
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अश्वनी के मुताबिक, 2013 में एमओयू और 2015-2016 में आरोपी ने लेटरहेड पर लिखित पत्र भी दिए थे। लंबे समय तक मुनाफे का हिस्सा मांगने पर आरोपी बहाने बनाता रहा। 27 जनवरी 2026 को मिलने पर रुपये मांगने पर इन्कार कर अंजाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट गए।
एसीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो केस दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि कपलेश्वर त्यागी ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक, 2013 में क्षितिज जौहरी ने ब्लूमून सोसायटी के टावर बी, सी और डी के निर्माण में साझेदारी और मुनाफे का लालच देकर 20.50 लाख रुपये लिए। 15 लाख रुपये एक साल में लौटाने और मुनाफे में हिस्सा देने का भरोसा दिया था। समय पूरा होने पर रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में रुपये देने से इन्कार कर गाली-गलौज की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस से कार्रवाई न होने पर कोर्ट का सहारा लिया।
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वहीं अश्वनी त्यागी ने बताया कि 2013 में वीवीआईपी एड्रेसेज सोसायटी के टावर-वी का निर्माण ठेका दिल्ली आनंद विहार के सूरजमल विहार निवासी क्षितिज जौहरी की फर्म को मिला था। आरोपी ने 60-40 प्रतिशत साझेदारी का प्रस्ताव देकर 25 लाख निवेश कराए। निर्माण के दौरान लेबर ठेकेदारों और सप्लायरों का भुगतान भी कराया। इस तरह करीब 30.87 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान उन्होंने किया। कुल 55.87 लाख बकाया हो गए।
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अश्वनी के मुताबिक, 2013 में एमओयू और 2015-2016 में आरोपी ने लेटरहेड पर लिखित पत्र भी दिए थे। लंबे समय तक मुनाफे का हिस्सा मांगने पर आरोपी बहाने बनाता रहा। 27 जनवरी 2026 को मिलने पर रुपये मांगने पर इन्कार कर अंजाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट गए।
एसीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो केस दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।