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Ghaziabad News: हरिद्वार से दिल्ली जा रहे किसानों की पदयात्रा रोकी, हंगामा
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दिल्ली मेरठ रोड पर दिल्ली की ओर जाते किसान। संवाद
गाजियाबाद/मोदीनगर। गन्ने का मूल्य बढ़ाने के साथ किसानों की 7 प्रमुख मांगों को लेकर हरिद्वार से पदयात्रा कर दिल्ली संसद जाने वाले किसानों को बुधवार को गाजियाबाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया। किसानों के विरोध करने पर उन्हें समझाया और बाद में उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया। जहां छह घंटे बाद किसानों को छोड़ा गया। जहां से वह वापस लौट गए। इस दौरान मेरठ रोड पर दिल्ली की तरफ जाने वाले मार्ग में जाम से लोगों को परेशान होना पड़ा।
किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अवनीत पंवार ने बताया कि संघर्ष मोर्चा हिंद बीकेयू, डब्ल्यूएफ बीकेयू, बीकेयू मंडार और बीकेयू अनाज संगठनों के साथ सैकड़ों किसानों ने 17 सितंबर को हरिद्वार के चौधरी चौक से दिल्ली संसद तक पदयात्रा शुरू की। इस यात्रा में शामिल होने के लिए कई जगहों से किसान पहुंचे थे। बुधवार को करीब दो बजे पदयात्रा जैसे ही गुलधर पहुंची तो पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया और आगे जाने से रोका। पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद अधिकारियों की भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को पुलिस वाहनों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। शाम करीब आठ बजे एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य और कई थाना प्रभारी पुलिस लाइन पहुंचे और किसानों को घर जाने के लिए कह दिया।
अवनीत पंवार का दावा है कि करीब छह सौ किसानों को पुलिस लाइन में बंधक बनाया गया। पुलिस ने पदयात्रा में शामिल होने आ रहे किसानों को वर्धमान चौकी, ममनधाम, राजनगर एक्सटेंशन, हापुड़ चुंगी, छजारसी टोल, मोहिद्दीनपुर, परतापुर, मोदीनगर कट और अक्षरधाम से हिरासत में लेकर नजरबंद किया। इस दौरान आशीष चौधरी, राकेश नागर, गौरव यादव, प्रशांत भार्गव, अमित पंवार, शहजाद, रूपवती, तारावती, नीलम देवी आदि मौजूद रहे।
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......
ये थीं किसानों की मांगें
-गन्ने का मूल्य 500 रुपये कुंतल हो।
-स्मार्ट मीटर गांवों में न लगाए जाएं।
-उत्तराखंड में 80 किसानों को जख्मी करने वाले गुलदार को पकड़ा जाए।
-बारिश से पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पीड़ित किसानों को मुआवजा मिले।
-खादर और बांगर दोनों प्रकार की जमीन पर रजिस्ट्री के अनुसार नुकसान की भरपाई हो।
-बारिश में हुए नुकसान के साथ-साथ प्रत्येक पीड़ित किसान को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मिले।
-14 दिनों के बाद गन्ना किसान को मय ब्याज का भुगतान हो।
......
वर्जन...
आगामी दिनों में वीआईपी मूवमेंट के चलते शांति बनाए रखने के लिए किसानों को पदयात्रा स्थगित करने को कहा गया है। जिस पर उन्होंने सहमति जताई है।
-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी।
......
सड़क पर किया हंगामा, जाम से लोग परेशान
दिल्ली की तरफ जा रही यात्रा में शामिल होने के लिए संगठन से जुड़े किसान और पदाधिकारी बुधवार को मुजफ्फरनगर से चले। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे किसान एक बस व कई कारों में सवार होकर कादराबाद बॉर्डर पहुंचे। कादराबाद बॉर्डर पर तैनात मोदीनगर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। किसानों के प्रदर्शन से वाहनों की कतार मोहिद्दीनपुर शुगर मिल तक पहुंच गई। घंटों की गहमागहमी के बाद किसान वापस लौट गए। वाहनों को निकाला गया। इस दौरान 2 घंटे तक मेरठ रोड पर ट्रैफिक प्रभावित रहा। शहर में भी मेरठ रोड राजनगर एक्सटेंशन कट तक जाम की स्थिति बन गई। मेरठ से दिल्ली की तरफ जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम लग गया। यहां भी किसानों को हटने के बाद स्थिति को सामान्य होने में 1 घंटा लगा।
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किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अवनीत पंवार ने बताया कि संघर्ष मोर्चा हिंद बीकेयू, डब्ल्यूएफ बीकेयू, बीकेयू मंडार और बीकेयू अनाज संगठनों के साथ सैकड़ों किसानों ने 17 सितंबर को हरिद्वार के चौधरी चौक से दिल्ली संसद तक पदयात्रा शुरू की। इस यात्रा में शामिल होने के लिए कई जगहों से किसान पहुंचे थे। बुधवार को करीब दो बजे पदयात्रा जैसे ही गुलधर पहुंची तो पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया और आगे जाने से रोका। पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद अधिकारियों की भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को पुलिस वाहनों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाया गया। शाम करीब आठ बजे एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य और कई थाना प्रभारी पुलिस लाइन पहुंचे और किसानों को घर जाने के लिए कह दिया।
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अवनीत पंवार का दावा है कि करीब छह सौ किसानों को पुलिस लाइन में बंधक बनाया गया। पुलिस ने पदयात्रा में शामिल होने आ रहे किसानों को वर्धमान चौकी, ममनधाम, राजनगर एक्सटेंशन, हापुड़ चुंगी, छजारसी टोल, मोहिद्दीनपुर, परतापुर, मोदीनगर कट और अक्षरधाम से हिरासत में लेकर नजरबंद किया। इस दौरान आशीष चौधरी, राकेश नागर, गौरव यादव, प्रशांत भार्गव, अमित पंवार, शहजाद, रूपवती, तारावती, नीलम देवी आदि मौजूद रहे।
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ये थीं किसानों की मांगें
-गन्ने का मूल्य 500 रुपये कुंतल हो।
-स्मार्ट मीटर गांवों में न लगाए जाएं।
-उत्तराखंड में 80 किसानों को जख्मी करने वाले गुलदार को पकड़ा जाए।
-बारिश से पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पीड़ित किसानों को मुआवजा मिले।
-खादर और बांगर दोनों प्रकार की जमीन पर रजिस्ट्री के अनुसार नुकसान की भरपाई हो।
-बारिश में हुए नुकसान के साथ-साथ प्रत्येक पीड़ित किसान को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मिले।
-14 दिनों के बाद गन्ना किसान को मय ब्याज का भुगतान हो।
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वर्जन...
आगामी दिनों में वीआईपी मूवमेंट के चलते शांति बनाए रखने के लिए किसानों को पदयात्रा स्थगित करने को कहा गया है। जिस पर उन्होंने सहमति जताई है।
-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी।
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सड़क पर किया हंगामा, जाम से लोग परेशान
दिल्ली की तरफ जा रही यात्रा में शामिल होने के लिए संगठन से जुड़े किसान और पदाधिकारी बुधवार को मुजफ्फरनगर से चले। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे किसान एक बस व कई कारों में सवार होकर कादराबाद बॉर्डर पहुंचे। कादराबाद बॉर्डर पर तैनात मोदीनगर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। किसानों के प्रदर्शन से वाहनों की कतार मोहिद्दीनपुर शुगर मिल तक पहुंच गई। घंटों की गहमागहमी के बाद किसान वापस लौट गए। वाहनों को निकाला गया। इस दौरान 2 घंटे तक मेरठ रोड पर ट्रैफिक प्रभावित रहा। शहर में भी मेरठ रोड राजनगर एक्सटेंशन कट तक जाम की स्थिति बन गई। मेरठ से दिल्ली की तरफ जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम लग गया। यहां भी किसानों को हटने के बाद स्थिति को सामान्य होने में 1 घंटा लगा।