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रावण के पुतले में धमाका: कारीगर की मौत, अब तक तीन ने तोड़ा दम
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साहिबाबाद। लाजपत नगर रामलीला मैदान के सामुदायिक भवन में रावण के पुतले बनाते समय हुए धमाके में घायल एक और कारीगर की मौत हो गई। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बताया कि मृतक महेंद्र (40) निवासी भंगी पुलिया, रमपुरा मोहल्ला, पिलखुवा, हापुड़ को सोमवार को धमाके के बाद गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले छह दिनों से उसका उपचार चल रहा था, लेकिन शनिवार शाम डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। ठेकेदार अनिल के परिजनों ने बताया कि महेंद्र परिवार में अकेला कमाने वाला था और कई साल से अनिल के साथ पुतले बनाने का काम करता था।
बता दें कि शनि चौक पुलिस चौकी के सामने करीब 100 मीटर दूर सामुदायिक केंद्र में सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पास में रखी बारूद में एक के बाद एक पांच धमाके हो गए। धमाकों से अफरातफरी मच गई। हादसे में पिता-पुत्र समेत सात लोग घायल हो गए थे। सभी को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, बाद में गंभीर घायलों को सफदरजंग और राजीव गांधी अस्पताल रेफर किया गया था।
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इस हादसे में ठेकेदार अनिल कुमार (51) की मंगलवार सुबह राजीव गांधी अस्पताल में और उनके बड़े बेटे ऋषभ की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। हादसे में घायल एक अन्य कारीगर राजू का जीटीबी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, रजत की हालत में सुधार है और सेहत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। पुतले में बारूद का इस्तेमाल कैसे हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बताया कि मृतक महेंद्र (40) निवासी भंगी पुलिया, रमपुरा मोहल्ला, पिलखुवा, हापुड़ को सोमवार को धमाके के बाद गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले छह दिनों से उसका उपचार चल रहा था, लेकिन शनिवार शाम डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। ठेकेदार अनिल के परिजनों ने बताया कि महेंद्र परिवार में अकेला कमाने वाला था और कई साल से अनिल के साथ पुतले बनाने का काम करता था।
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बता दें कि शनि चौक पुलिस चौकी के सामने करीब 100 मीटर दूर सामुदायिक केंद्र में सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पास में रखी बारूद में एक के बाद एक पांच धमाके हो गए। धमाकों से अफरातफरी मच गई। हादसे में पिता-पुत्र समेत सात लोग घायल हो गए थे। सभी को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, बाद में गंभीर घायलों को सफदरजंग और राजीव गांधी अस्पताल रेफर किया गया था।
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इस हादसे में ठेकेदार अनिल कुमार (51) की मंगलवार सुबह राजीव गांधी अस्पताल में और उनके बड़े बेटे ऋषभ की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। हादसे में घायल एक अन्य कारीगर राजू का जीटीबी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, रजत की हालत में सुधार है और सेहत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। पुतले में बारूद का इस्तेमाल कैसे हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।