{"_id":"594d280c4f1c1b26408b456c","slug":"engineering-colleges-can-not-get-admission-in-fake","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग कालेजों के दाखिलों में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंजीनियरिंग कालेजों के दाखिलों में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
एडमिशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। एकेटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कालेजों में सत्र 2017-18 की दाखिला प्रक्रिया में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। एसईई काउंसलिंग के साथ कालेजों में सीधे प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के अंकों को एकेटीयू ऑनलाइन जांचेगा।
विज्ञापन
यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड ने विवि को 12वीं के परिणाम का आनलाइन लिंक दे दिया है। आनलाइन लिंक के जरिए विवि की ओर से दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आ जाएगी। फर्जी अंक तालिका के बूते प्रवेश पाना अब आसान नहीं होगा।
विज्ञापन
तीनों बोर्ड के रिजल्ट का आनलाइन ब्यौरा विवि के पास होने से दस्तावेजों का आसानी से सत्यापन हो सकेगा। अंक तालिका का मिलान नहीं होने और गड़बड़ी सामने आने पर विवि की ओर से एडमिशन रद्द करने के साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
विज्ञापन
गत वर्षों में फर्जी अंक तालिका के जरिए दाखिला लेने के कई मामले सामने आए थे। अंक तालिका के सत्यापन का आनलाइन विकल्प नहीं होने और दूसरी लंबी प्रक्रिया के चलते कई विद्यार्थी फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रवेश पाने में सफल हो गए थे। अब ऐसे छात्र-छात्राओं पर विवि शिकंजा कस सकेगा।
गलत दस्तावेज अपलोड करना पड़ सकता है भारी
एकेटीयू की एसईई काउंसलिंग में गलत दस्तावेज अपलोड करने के कारण भी छात्र-छात्राओं का अपनी सीट पर दावा खत्म हो सकता है। इसलिए काउंसलिंग में भाग लेने वाले एसईई उत्तीर्ण रैंक हासिल करने वालों को ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
विवि में गलत शैक्षिक दस्तावेज अपलोड करने के तमाम मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। साइबर कैफे संचालकों पर निर्भरता के चलते भी गड़बड़ियां हो रही हैं। साइबर कैफे संचालकों की गलती का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।