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Ghaziabad News: बिजली लोड 1600 तक, कर दिया 5500 किलो वाट, पांच गुना हुआ फिक्स चार्ज
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गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी में बिजली के प्रति फ्लैट फिक्स में पांच गुना तक वृद्धि होने से रेजिडेंट्स परेशान हैं। सोसायटी एओए की ओर से विद्युत निगम को पत्र लिखकर लोड को 2000 किलोवाट तक करने की मांग की थी लेकिन ऊर्जा निगम ने सोसायटी के लोड को 1000 से बढ़ाकर सीधे 5500 किलोवाट कर दिया है। ऐसे में अब लोगों को 90 रुपये प्रति फ्लैट की जगह 450 रुपये प्रतिमाह फिक्स चार्ज भरना पड़ रहा है।
लोगों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार के कारण अब एओए पदाधिकारियों की ओर से लोड को कम करने की विद्युत विभाग से मांग की जा रही है। सोसायटी के अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के महासचिव आईसी जिंदल ने बताया कि सोसायटी में भीषण गर्मी के मौसम में भी अधिकांश लोड 1600 से 1800 किलोवाट तक रहता है। ऐसे में विद्युत निगम से अधिकतम 2000 किलोवाट तक लोड बढ़ाने की मांग एओए की ओर से की गई थी। इसके बावजूद मनमाना रुख अपनाते हुए लोड कम होने के बावजूद 5500 किलोवाट कर दिया गया है। ऐसे में प्रति किलो वाटर फिक्स चार्ज जो पहले 15 रुपये आता था, वह अब बढ़कर 66 रुपये हो गया है। ऐसे में निवासियों को अधिक फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। दोबारा से विद्युत निगम के अधिकारियों से मिलकर बढ़ाए गए लोड को कम करने की मांग की जाएगी।
1800 फ्लैट मालिकों पर सीधे पड़ा बोझ:
महागुनपुरम शहर की बड़ी सोसायटियों में शामिल हैं। सोसायटी के पहले और दूसरे फेज को मिलाकर करीब 1800 फ्लैट हैं। ऐसे में सोसायटी में करीब 8000 लोग रहते हैं। बढ़े फिक्स चार्ज का भार सीधे सभी फ्लैट स्वामियों पर पड़ा है। सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे निवासियों पर पड़ रही है, जिनका लोड कम है। अब उन्हें मजबूरी में अधिक फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। विद्युत निगम के निर्णय से निवासियों में रोष है।
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बहु बिंदु कनेक्शन से इन्कार के बाद बढ़ा लोड:
सोसायटी में तीन फेज के निर्माण कार्य के लिए बिल्डर ने कुल 5500 किलो वाट का लोड स्वीकृत कराया था। एओए पदाधिकारियों ने बताया कि अब सोसायटी के दो फेज पूरा होने के बाद निवासी रह रहे हैं। ऐसे में नियमानुसार पूरा लोड बढ़ाने का निर्णय गलत है। सोसायटी में बहु बिंदु कनेक्शन (मल्टी प्वॉइंट) के लिए विद्युत निगम के सर्वे किया था लेकिन निवासियों ने एकल बिंदु के पक्ष में रहने पर बहुमत के साथ सहमति जताई थी। इस निर्णय के बाद ही लोड बढ़ाने के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं। विद्युत निगम के एक्सईएन गुलशन गोयल का कहना है कि सोसायटी में नियमानुसार लोड बढ़ाने की कार्रवाई की गई है।
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लोगों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार के कारण अब एओए पदाधिकारियों की ओर से लोड को कम करने की विद्युत विभाग से मांग की जा रही है। सोसायटी के अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के महासचिव आईसी जिंदल ने बताया कि सोसायटी में भीषण गर्मी के मौसम में भी अधिकांश लोड 1600 से 1800 किलोवाट तक रहता है। ऐसे में विद्युत निगम से अधिकतम 2000 किलोवाट तक लोड बढ़ाने की मांग एओए की ओर से की गई थी। इसके बावजूद मनमाना रुख अपनाते हुए लोड कम होने के बावजूद 5500 किलोवाट कर दिया गया है। ऐसे में प्रति किलो वाटर फिक्स चार्ज जो पहले 15 रुपये आता था, वह अब बढ़कर 66 रुपये हो गया है। ऐसे में निवासियों को अधिक फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। दोबारा से विद्युत निगम के अधिकारियों से मिलकर बढ़ाए गए लोड को कम करने की मांग की जाएगी।
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1800 फ्लैट मालिकों पर सीधे पड़ा बोझ:
महागुनपुरम शहर की बड़ी सोसायटियों में शामिल हैं। सोसायटी के पहले और दूसरे फेज को मिलाकर करीब 1800 फ्लैट हैं। ऐसे में सोसायटी में करीब 8000 लोग रहते हैं। बढ़े फिक्स चार्ज का भार सीधे सभी फ्लैट स्वामियों पर पड़ा है। सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे निवासियों पर पड़ रही है, जिनका लोड कम है। अब उन्हें मजबूरी में अधिक फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। विद्युत निगम के निर्णय से निवासियों में रोष है।
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बहु बिंदु कनेक्शन से इन्कार के बाद बढ़ा लोड:
सोसायटी में तीन फेज के निर्माण कार्य के लिए बिल्डर ने कुल 5500 किलो वाट का लोड स्वीकृत कराया था। एओए पदाधिकारियों ने बताया कि अब सोसायटी के दो फेज पूरा होने के बाद निवासी रह रहे हैं। ऐसे में नियमानुसार पूरा लोड बढ़ाने का निर्णय गलत है। सोसायटी में बहु बिंदु कनेक्शन (मल्टी प्वॉइंट) के लिए विद्युत निगम के सर्वे किया था लेकिन निवासियों ने एकल बिंदु के पक्ष में रहने पर बहुमत के साथ सहमति जताई थी। इस निर्णय के बाद ही लोड बढ़ाने के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं। विद्युत निगम के एक्सईएन गुलशन गोयल का कहना है कि सोसायटी में नियमानुसार लोड बढ़ाने की कार्रवाई की गई है।