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Ghaziabad News: चुनावी वादा हुआ, फाइल बनी, नहीं शुरू हुआ मेट्रो विस्तार का काम
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निशा ठाकुर
साहिबाबाद। इंदिरापुरम, वैशाली व वसुंधरा की करीब पांच लाख से अधिक की आबादी एक दशक से मेट्रो विस्तार की राह देख रही है। साहिबाबाद से सेक्टर-62 नोएडा तक मेट्रो विस्तार का लाभ सीधे तौर पर यहां रह रहे हजारों लोगों को मिलेगा, जो हर दिन नौकरी के लिए नोएडा व गुरुग्राम जाते हैं।
मेट्रो विस्तार के मुद्दे पर स्थानीय लोग लोकसभा और विधानसभा में वोट करते आ रहे हैं। लोगों की मांग और जनप्रतिनिधि के वादे के मुताबिक वर्ष 2009-2010 में इसकी डीपीआर भी बनाई गई। यहां तक कि वर्ष 2009-2010 में इंदिरापुरम से सेक्टर-62 नोएडा की ओर जाने वाले रूट पर एक मेट्रो पिलर का निर्माण भी करा दिया लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हो सका। हाल ही में डीएमआरसी ने तीसरे चरण की डीपीआर जीडीए को भेजी थी। मेट्रो विस्तार के लिए 1875.31 करोड़ का डीपीआर तैयार किया गया। जीडीए बोर्ड बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इसमें 20 फीसदी बजट केंद्र सरकार देगी जबकि 80 फीसदी जो राज्य सरकार का बजट है उसमें से 50-50 फीसदी जीडीए और आवास विकास परिषद की ओर से खर्च किए जाएंगे लेकिन यह फिलहाल फाइलों में ही रह गया।
एक दशक से कर रहे आंदोलन
- वर्ष 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री को मेट्रो विस्तार के लिए पत्र भेजा गया
- 2015 में वसुंधरा और वैशाली के लोगों ने वसुंधरा से पैदल मार्च निकाला
- 2016 में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर करीब डेढ़ लाख लोगों के हस्ताक्षर की बुकलेट शासन को सौंपी
- 2017 में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला
- 2018 से 2020 तक मेट्रो विस्तार के लिए सांसद से लेकर प्रधानमंत्री तक को ज्ञापन सौंपा
- वर्ष 2022 में वसुंधरा से साइकिल रैली निकाली
- 2022 में ही पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया
लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
वर्ष 2013 में मैंने पहली बार मेट्रो विस्तार के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। इसके बाद से निरंतर इसके लिए हस्ताक्षर अभियान और पैदल मार्च तक हुए। जीडीए ने इसका प्रस्ताव भी बनाया लेकिन काम शुरू नहीं करा सके। मेट्रो विस्तार से टीएचए के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। - संजय सिंह, पार्षद वार्ड 100
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योजना में होने के बावजूद नहीं हो रहा अमल
गाजियाबाद में जब पहली बार मेट्रो आई थी। उसी दौरान साहिबाबाद से सेक्टर-62 तक के लिए मेट्रो विस्तार की योजना शामिल की गई थी। एक पिलर भी 2010 में खड़ा कर दिया गया लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। मेट्रो विस्तार का सीधा लाभ लोगों को मिलेगा। - प्रेमकांत चौधरी, सचिव मेट्रो विस्तार संघर्ष समिति
तीसरे चरण की डीपीआर के बाद भी इंतजार
जनवरी में जब डीएमआरसी ने तीसरे चरण की मेट्रो विस्तार की डीपीआर जीडीए को सौंपी तब उम्मीद जगी थी। दो माह बाद भी जब फाइल आगे नहीं बढ़ी इससे लोगों में निराशा है। टीएचए में रह रहे लाखों लोगों के लिए मेट्रो विस्तार का मुद्दा सबसे बड़ा है। - डाॅ. देव सेंगर, वसुंधरा विकास समिति पदाधिकारी
योजना में है शामिल जल्द ही शुरू होगा काम
हमारी सरकार जिस तेजी से कार्य कर रही है आज तक किसी भी सरकार में नहीं हो सका है। हमने आरआरटीएस पर काम किया है। गाजियाबाद विश्व पटल पर छा गया है। साहिबाबाद से नोएडा तक मेट्रो विस्तार की भी योजना है, इस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा। - सुनील शर्मा, कैबिनेट मंत्री
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साहिबाबाद। इंदिरापुरम, वैशाली व वसुंधरा की करीब पांच लाख से अधिक की आबादी एक दशक से मेट्रो विस्तार की राह देख रही है। साहिबाबाद से सेक्टर-62 नोएडा तक मेट्रो विस्तार का लाभ सीधे तौर पर यहां रह रहे हजारों लोगों को मिलेगा, जो हर दिन नौकरी के लिए नोएडा व गुरुग्राम जाते हैं।
मेट्रो विस्तार के मुद्दे पर स्थानीय लोग लोकसभा और विधानसभा में वोट करते आ रहे हैं। लोगों की मांग और जनप्रतिनिधि के वादे के मुताबिक वर्ष 2009-2010 में इसकी डीपीआर भी बनाई गई। यहां तक कि वर्ष 2009-2010 में इंदिरापुरम से सेक्टर-62 नोएडा की ओर जाने वाले रूट पर एक मेट्रो पिलर का निर्माण भी करा दिया लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हो सका। हाल ही में डीएमआरसी ने तीसरे चरण की डीपीआर जीडीए को भेजी थी। मेट्रो विस्तार के लिए 1875.31 करोड़ का डीपीआर तैयार किया गया। जीडीए बोर्ड बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इसमें 20 फीसदी बजट केंद्र सरकार देगी जबकि 80 फीसदी जो राज्य सरकार का बजट है उसमें से 50-50 फीसदी जीडीए और आवास विकास परिषद की ओर से खर्च किए जाएंगे लेकिन यह फिलहाल फाइलों में ही रह गया।
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एक दशक से कर रहे आंदोलन
- वर्ष 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री को मेट्रो विस्तार के लिए पत्र भेजा गया
- 2015 में वसुंधरा और वैशाली के लोगों ने वसुंधरा से पैदल मार्च निकाला
- 2016 में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर करीब डेढ़ लाख लोगों के हस्ताक्षर की बुकलेट शासन को सौंपी
- 2017 में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला
- 2018 से 2020 तक मेट्रो विस्तार के लिए सांसद से लेकर प्रधानमंत्री तक को ज्ञापन सौंपा
- वर्ष 2022 में वसुंधरा से साइकिल रैली निकाली
- 2022 में ही पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया
लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
वर्ष 2013 में मैंने पहली बार मेट्रो विस्तार के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। इसके बाद से निरंतर इसके लिए हस्ताक्षर अभियान और पैदल मार्च तक हुए। जीडीए ने इसका प्रस्ताव भी बनाया लेकिन काम शुरू नहीं करा सके। मेट्रो विस्तार से टीएचए के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। - संजय सिंह, पार्षद वार्ड 100
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योजना में होने के बावजूद नहीं हो रहा अमल
गाजियाबाद में जब पहली बार मेट्रो आई थी। उसी दौरान साहिबाबाद से सेक्टर-62 तक के लिए मेट्रो विस्तार की योजना शामिल की गई थी। एक पिलर भी 2010 में खड़ा कर दिया गया लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। मेट्रो विस्तार का सीधा लाभ लोगों को मिलेगा। - प्रेमकांत चौधरी, सचिव मेट्रो विस्तार संघर्ष समिति
तीसरे चरण की डीपीआर के बाद भी इंतजार
जनवरी में जब डीएमआरसी ने तीसरे चरण की मेट्रो विस्तार की डीपीआर जीडीए को सौंपी तब उम्मीद जगी थी। दो माह बाद भी जब फाइल आगे नहीं बढ़ी इससे लोगों में निराशा है। टीएचए में रह रहे लाखों लोगों के लिए मेट्रो विस्तार का मुद्दा सबसे बड़ा है। - डाॅ. देव सेंगर, वसुंधरा विकास समिति पदाधिकारी
योजना में है शामिल जल्द ही शुरू होगा काम
हमारी सरकार जिस तेजी से कार्य कर रही है आज तक किसी भी सरकार में नहीं हो सका है। हमने आरआरटीएस पर काम किया है। गाजियाबाद विश्व पटल पर छा गया है। साहिबाबाद से नोएडा तक मेट्रो विस्तार की भी योजना है, इस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा। - सुनील शर्मा, कैबिनेट मंत्री