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Ghaziabad News: (मथुरा के ध्यानार्थ) 5.83 करोड़ के पेट्रोलियम पदार्थ चोरी मामले में चालक से जिरह
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गाजियाबाद। मथुरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के टर्मिनल से करीब 5.83 करोड़ रुपये के पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी के मामले में बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान मामले के गवाह वाहन चालक विशन सिंह से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। जिरह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर की तारीख तय की है।
सीबीआई के मुताबिक, एचपीसीएल के कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से टैंकरों में निर्धारित मात्रा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ भरवाकर टर्मिनल से बाहर भेजा गया। जांच एजेंसी ने इसे आपराधिक षड्यंत्र बताते हुए सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
विवेचना के दौरान जून 2022 से जनवरी 2024 के बीच पेट्रोलियम पदार्थ की निकासी से जुड़े 305 मामलों की जांच की गई। इनमें से 13 मामलों में जादौन ट्रांसपोर्ट कंपनी के चार टैंकरों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। सीबीआई के दस्तावेजों के अनुसार, इन मामलों में करीब 11 किलोलीटर पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी का उल्लेख है।
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जांच के मुताबिक चार टैंकरों में से तीन का संबंध गवाह शैलेंद्र सिंह से था। उन्हीं के माध्यम से टैंकर ट्रांसपोर्ट कंपनी को उपलब्ध कराए गए थे। आरोप है कि टर्मिनल कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से निर्धारित मात्रा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ टैंकरों में भरवाया गया और उसे परिसर से बाहर ले जाने में मदद की गई।
सीबीआई का आरोप है कि कंप्यूटर में की गई प्रविष्टियों और कंप्यूटरीकृत स्वचालित प्रणाली में छेड़छाड़ कर कथित चोरी को रिकॉर्ड में छिपाने का प्रयास किया गया। जांच दस्तावेजों में एसआर ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े मांग पत्रों में करीब 59 बार हाथ से बदलाव किए जाने का भी उल्लेख है। मामले में दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अलावा राहुल, हेमंत, शिशुपाल और दिनेश प्रताप सिंह समेत कुल आठ आरोपी हैं।
सीबीआई के मुताबिक, एचपीसीएल के कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से टैंकरों में निर्धारित मात्रा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ भरवाकर टर्मिनल से बाहर भेजा गया। जांच एजेंसी ने इसे आपराधिक षड्यंत्र बताते हुए सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
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विवेचना के दौरान जून 2022 से जनवरी 2024 के बीच पेट्रोलियम पदार्थ की निकासी से जुड़े 305 मामलों की जांच की गई। इनमें से 13 मामलों में जादौन ट्रांसपोर्ट कंपनी के चार टैंकरों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। सीबीआई के दस्तावेजों के अनुसार, इन मामलों में करीब 11 किलोलीटर पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी का उल्लेख है।
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जांच के मुताबिक चार टैंकरों में से तीन का संबंध गवाह शैलेंद्र सिंह से था। उन्हीं के माध्यम से टैंकर ट्रांसपोर्ट कंपनी को उपलब्ध कराए गए थे। आरोप है कि टर्मिनल कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से निर्धारित मात्रा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ टैंकरों में भरवाया गया और उसे परिसर से बाहर ले जाने में मदद की गई।
सीबीआई का आरोप है कि कंप्यूटर में की गई प्रविष्टियों और कंप्यूटरीकृत स्वचालित प्रणाली में छेड़छाड़ कर कथित चोरी को रिकॉर्ड में छिपाने का प्रयास किया गया। जांच दस्तावेजों में एसआर ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े मांग पत्रों में करीब 59 बार हाथ से बदलाव किए जाने का भी उल्लेख है। मामले में दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अलावा राहुल, हेमंत, शिशुपाल और दिनेश प्रताप सिंह समेत कुल आठ आरोपी हैं।