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Ghaziabad News: अपमान का बदला लेने के लिए दोस्त ने की थी दिनेश की हत्या
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साहिबाबाद। खोड़ा की नेहरू गार्डन काॅलोनी में दो जनवरी (बुधवार) को की गई दिनेश मिश्रा (55) की हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को उनके दोस्त भूरा उर्फ शाहिद कुरैशी (25) और मदन लाल (55) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश भूरा ने रची थी। वारदात के दौरान मदन लाल उसके साथ रहा। हत्या की वजह भूरा को सरेआम मारा गया दिनेश का थप्पड़ रही। मांस की दुकान चलाने वाले भूरा ने पुलिस को बताया कि वह थप्पड़ से खुद को अपमानित महसूस कर रहा था।
आरोपियों से की गई पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि मंगलवार को दिनेश खोड़ा की हयातनगर काॅलोनी निवासी भूरा से छह माह पहले उधार दिए गए दो हजार रुपये का ब्याज मांगने उसकी मांस की दुकान पर गए थे। उन्होंने ब्याज के 600 रुपये बताए थे। भूरा ने 200 ही दिए। 400 बकाया रहने पर दिनेश ने भूरा को भला-बुरा कहा और दुकान पर मौजूद लोगों के सामने ही थप्पड़ भी मार दिया।
भूरा ने पुलिस को बताया कि उसने उसी समय ठान ली थी कि अपमान का बदला दिनेश की हत्या करके लेगा। दिनेश नेहरू गार्डन काॅलोनी में अकेले रहते हैं। वह बुधवार को मदन लाल को साथ लेकर उनके घर पहुंचा और चाकू से गोदकर हत्या कर दी। तीनों में काफी समय से दोस्ती थी। लगभग रोज ही तीनों शाम को साथ में शराब पीते थे। हत्या की रिपोर्ट दिनेश की बहन ने दर्ज कराई थी। इसमें भूरा और मदन लाल को नामजद किया गया था। मदन लाल मजदूरी करता है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है।
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दिनेश की पीठ में घोंपा चाकू
भूरा ने पुलिस को बताया कि उसने पहले मदन लाल को अपने घर बुलाया। वहां दोनों ने शराब पी। इसके बाद मदन लाल से कहा कि उसे साथ चलना है, आज दिनेश का काम तमाम करना है। मदन साथ चलने के लिए राजी हो गया। दोनों दिनेश के घर पहुंचे। मदन बाहर खड़ा रहा। दरवाजा खुला मिला। भूरा ने बताया कि वह अंदर चला गया। दिनेश जमीन पर बैठकर कुछ काम कर रहा था। उसकी पीठ में मुर्गा काटने वाला चाकू घोंप दिया। इसके बाद चाकू से गर्दन और पेट में कई वार किए। उसकी मौके पर ही मृत्यू हो गई। इसके बाद उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया। बाहर खड़ा मदन लाल देखता रहा कि कोई आ तो नहीं रहा। जाते समय दरवाजे की कुंडी मदन लाल ने ही लगाई थी।
एक दिन पहले भी
गया था हत्या के लिए
भूरा ने बताया कि थप्पड़ से वह इतना आहत था कि मंगलवार को ही हत्या करने की ठान ली थी। रात को दिनेश के घर गया था। वहां दोस्तों की महफिल जमी थी। इसमें मदन लाल और उसका बेटा अंकुश आकाश भी आया था। सभी ने जमकर शराब की। इसके बाद मदन लाल और अंकुश चले गए। वह खुद भी घर से बाहर आ गया लेकिन उसके दिमाग में एक ही बात घूमती रही कि दिनेश की हत्या करनी है। आधी रात के बाद वह फिर से दिनेश के घर गया। उसने चाकू ले रखा था लेकिन उस दिन दिनेश ने घर का दरवाजा बंद कर दिया था। इसलिए, वह लौट गया।
सर्विलांस से मिला सुराग
पुलिस ने एफआईआर में नामजदगी के आधार पर भूरा और मदन लाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन वे खुद को बेगुनाह बताते रहे।
इसके बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन की लोकेशन निकलवाई। हत्या के वक्त दोनों नेहरू गार्डन में थे। इससे पुलिस को सुराग मिल गया।
इसके बाद पूरी काॅलोनी के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। रात में भूरा और मदन लाल दिनेश के घर की तरफ जाते और फिर वापस आते नजर आए। इससे साक्ष्य मिल गया।
सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन के बारे में बताते हुए पुलिस ने दोनों से फिर से पूछताछ की तो वे टूट गए और जुर्म कुबूल कर लिया।
( जैसा पुलिस ने बताया )
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आरोपियों से की गई पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि मंगलवार को दिनेश खोड़ा की हयातनगर काॅलोनी निवासी भूरा से छह माह पहले उधार दिए गए दो हजार रुपये का ब्याज मांगने उसकी मांस की दुकान पर गए थे। उन्होंने ब्याज के 600 रुपये बताए थे। भूरा ने 200 ही दिए। 400 बकाया रहने पर दिनेश ने भूरा को भला-बुरा कहा और दुकान पर मौजूद लोगों के सामने ही थप्पड़ भी मार दिया।
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भूरा ने पुलिस को बताया कि उसने उसी समय ठान ली थी कि अपमान का बदला दिनेश की हत्या करके लेगा। दिनेश नेहरू गार्डन काॅलोनी में अकेले रहते हैं। वह बुधवार को मदन लाल को साथ लेकर उनके घर पहुंचा और चाकू से गोदकर हत्या कर दी। तीनों में काफी समय से दोस्ती थी। लगभग रोज ही तीनों शाम को साथ में शराब पीते थे। हत्या की रिपोर्ट दिनेश की बहन ने दर्ज कराई थी। इसमें भूरा और मदन लाल को नामजद किया गया था। मदन लाल मजदूरी करता है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है।
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दिनेश की पीठ में घोंपा चाकू
भूरा ने पुलिस को बताया कि उसने पहले मदन लाल को अपने घर बुलाया। वहां दोनों ने शराब पी। इसके बाद मदन लाल से कहा कि उसे साथ चलना है, आज दिनेश का काम तमाम करना है। मदन साथ चलने के लिए राजी हो गया। दोनों दिनेश के घर पहुंचे। मदन बाहर खड़ा रहा। दरवाजा खुला मिला। भूरा ने बताया कि वह अंदर चला गया। दिनेश जमीन पर बैठकर कुछ काम कर रहा था। उसकी पीठ में मुर्गा काटने वाला चाकू घोंप दिया। इसके बाद चाकू से गर्दन और पेट में कई वार किए। उसकी मौके पर ही मृत्यू हो गई। इसके बाद उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया। बाहर खड़ा मदन लाल देखता रहा कि कोई आ तो नहीं रहा। जाते समय दरवाजे की कुंडी मदन लाल ने ही लगाई थी।
एक दिन पहले भी
गया था हत्या के लिए
भूरा ने बताया कि थप्पड़ से वह इतना आहत था कि मंगलवार को ही हत्या करने की ठान ली थी। रात को दिनेश के घर गया था। वहां दोस्तों की महफिल जमी थी। इसमें मदन लाल और उसका बेटा अंकुश आकाश भी आया था। सभी ने जमकर शराब की। इसके बाद मदन लाल और अंकुश चले गए। वह खुद भी घर से बाहर आ गया लेकिन उसके दिमाग में एक ही बात घूमती रही कि दिनेश की हत्या करनी है। आधी रात के बाद वह फिर से दिनेश के घर गया। उसने चाकू ले रखा था लेकिन उस दिन दिनेश ने घर का दरवाजा बंद कर दिया था। इसलिए, वह लौट गया।
सर्विलांस से मिला सुराग
पुलिस ने एफआईआर में नामजदगी के आधार पर भूरा और मदन लाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन वे खुद को बेगुनाह बताते रहे।
इसके बाद पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन की लोकेशन निकलवाई। हत्या के वक्त दोनों नेहरू गार्डन में थे। इससे पुलिस को सुराग मिल गया।
इसके बाद पूरी काॅलोनी के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। रात में भूरा और मदन लाल दिनेश के घर की तरफ जाते और फिर वापस आते नजर आए। इससे साक्ष्य मिल गया।
सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन के बारे में बताते हुए पुलिस ने दोनों से फिर से पूछताछ की तो वे टूट गए और जुर्म कुबूल कर लिया।
( जैसा पुलिस ने बताया )