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Ghaziabad News: छूट के बावजूद मंडोला योजना में नहीं बिके फ्लैट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 07 Nov 2023 01:17 AM IST
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Despite discount, flats not sold in Mandola scheme
एक्सक्लूसिव
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- करोड़ की बिल्डिंग है तैयार संसाधन के अभाव में नहीं कोई खरीदने को तैयार
- खाली पड़े 4000 से अधिक फ्लैटों पर आवास विकास परिषद ने दी थी 15% की छूट
- 4 माह में 4 फ्लैट की भी नहीं हुई बिक्री, अब बचे बस एक सप्ताह
निशा ठाकुर
साहिबाबाद। मंडोला योजना के खाली फ्लैटों को बेचने के लिए आवास विकास परिषद ने 15 जुलाई से 15 नवंबर के बीच फ्लैट खरीदारी पर 15 प्रतिशत की छूट का ऑफर दिया है। ऑफर खत्म होने में महज एक सप्ताह शेष है। छूट देने के तीन माह तक भी परिषद का एक भी फ्लैट नहीं बिक सका। यह बात और है कि आवास विकास कार्यालय में शनिवार-रविवार को लगने वाले मेले में कुछ लोग पूछताछ करने पहुंचे लेकिन फ्लैट किसी ने भी बुक नहीं कराया।
मंडोला योजना में कुल 9068 फ्लैट हैं जिनमें से 4839 फ्लैट बिक चुके हैं जबकि 4229 फ्लैट अभी खाली हैं। पांच वर्ष से परिषद खाली पड़े फ्लैटों को बेचने के प्रयास में जुटा है। इन्हें बेचने के लिए प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को मेला लगाया जाता है, जिसमें लोगों को फ्लैटों की जानकारी दी जाती है। गत एक वर्ष से एक भी फ्लैट न बिकने की वजह से आवास विकास परिषद लखनऊ से ही योजना पर फ्लैट खरीदने पर 15 प्रतिशत की छृूट दी गई थी, लेकिन तीन माह में एक भी फ्लैट नहीं बिक सका है। दरअलस अब जो फ्लैट खाली हैं वह मंडोला में मुख्य सड़क से करीब दो किलोमीटर अंदर है। यहां कोई पब्लिक संसाधन नहीं है, सड़क के दोनों ओर जंगलनुमा घास है। ऐसे में असुरक्षा की वजह से भी बहुत से लोग जो फ्लैट पसंद भी करते हैं, लेकिन साइट की वजह से खरीदने में पीछे हट जाते हैं। संपत्ति कर विभाग के अधिकारी सुनील शर्मा ने बताया कि फ्लैट बेचने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट भी लखनऊ भेजी गई है। छृूट की समय सीमा आगे बढ़ाई जाएगी या नहीं यह लखनऊ से ही तय होगा।
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मंडोला विहार योजना
25 वर्ष पूर्व रखी गई थी नींव
आवास विकास परिषद ने वर्ष 1998 में मंडोला योजना की नींव रखी थी लेकिन काम शुरू नहीं कर पाया। विभागीय लेट लतीफी की वजह से 12 वर्षों तक यह योजना लटकी रही फिर वर्ष 2010 में यहां काम शुरू हो गया और वर्ष 2016 में यहां कुछ इमारतें तैयार हो चुकी थीं, जबकि 2017 में काम पूरा हो गया। इसके बाद से ही एक ओर जहां विभाग फ्लैट बेचने की जुगत लगाता रहता है वहीं दूसरी ओर वर्ष 2016 से ही किसान इस योजना के लिए मुआवजे की मांग पर मंडाेला स्थित आवास विकास परिषद कार्यालय में धरना दे रहे हैं।
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इनसेट
डिफाल्टर घोषित किए जा चुके हैं 450 आवंटी
मंडोला योजना में करीब 450 आवंटी डिफाल्टर घोषित किए जा चुके हैं। दरअसल इन्होंने फ्लैट बुक करा कर एक से दो लाख रुपये जमा कर दिए और इसके बाद से न तो कोई अगली किश्त जमा की और न ही यह लोग फ्लैट पर अपना अधिकार लेने पहुंचे। विभाग की ओर से आवंटियों को कई नोटिस दिए गए जवाब न मिलने पर इन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया गया। ऐसे आवंटियों की वजह से विभाग को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। दरअसल यह 450 आवंटी आसरा, सपना, गुलमोहर सभी योजनाओं में बुक हैं। जिनकी कीमत 15 लाख से एक करोड़ तक की है। ।

संपत्ति की श्रेणी फ्लैट का प्रकार कुल फ्लैट खाली फ्लैट कीमत लाख में जिस पर मिलेगी छूट

दुर्बल आय वर्ग वन-बीएचके 1120 322 6.97

आसरा टाइप-1 वन-बीएचके 3392 1532 14.37 से 15.96 तक

आसरा टाइप-2 वन-बीएचके 1120 328 24 से 27 तक

सपना टाइप-1 टू-बीएचके 464 197 42 से 46 तक

सपना टाइप-2 टू- बीएचके 688 277 54 से 60 तक

गुलमोहर वन- बीएचके 1184 873 16.19 से 16.68 तक
गुलमोहर टू-बीएचके 1100 700 27.5 से 28.5 तक
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