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टूटती सांसें: दिल्ली से गाजियाबाद तक नहीं मिला इलाज, देखते ही देखते अस्पताल के बाहर तोड़ा दम
Wed, 21 Apr 2021 01:41 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 21 Apr 2021 01:41 PM IST
सार
बुधवार सुबह वह गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल पहुंचा तो उसकी सास की तबीयत बुरी तरह से खराब हो चुकी थी। सांस लेने में इतनी तकलीफ थी वह निढाल हो जा रही थीं और देखते ही देखते महिला ने दम तोड़ दिया।
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इलाज न मिलने पर गाजियाबाद में महिला की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपनी बीमार सास को लेकर एक दामाद दिल्ली से लेकर गाजियाबाद तक के अस्पतालों में भटकता रहा। कहीं किसी अस्पताल में इलाज नहीं मिला। बुधवार सुबह वह गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल पहुंचा तो उसकी सास की तबीयत बुरी तरह से खराब हो चुकी थी। सांस लेने में इतनी तकलीफ थी वह निढाल हो जा रही थीं और देखते ही देखते महिला ने दम तोड़ दिया।
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दरअसल गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल के बाहर दिल्ली निवासी सुनीता कक्कड़ (65) ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। सुनीता कक्कड़ की तबीयत कई दिनों से खराब थी। परिजन उन्हें दिल्ली के तमाम अस्पतालों में ले कर गए लेकिन जब वहां किसी अस्पताल ने सुनीता को भर्ती नहीं किया तो वह उन्हें लेकर गाजियाबाद आए।
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मृतका के दामाद संजीव चड्डा ने बताया कि वह दिल्ली से सुनीता को लेकर गाजियाबाद आए थे। दिल्ली में इलाज की कहीं व्यवस्था नहीं मिली। सबसे पहले वह संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल पहुंचे, जहां से उनको जांच के लिए जिला एमएमजी अस्पताल भेज दिया गया।
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एमएमजी अस्पताल में सुनीता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई लेकिन भर्ती किए जाने में हुई देरी से अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। वह काफी देर तक एंबुलेंस में ही तड़पती रहीं, उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं हो सकीं। इस पूरी घटना के बाद परिजनों ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।