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दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रैक फ्रैक्चर, बड़ा हादसा टला
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 02 Mar 2017 11:00 PM IST
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रेलवे ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर, लखनऊ, गढ़मुक्तेशवर के बाद अब गाजियाबाद में रेल ट्रैक टूटने की घटना घटी है। बृहस्पतिवार सुबह 6.55 बजे गौशाला फाटक के पास ट्रैक के टूटे होने की सूचना गैंगमैन ने अपने अधिकारियों को दी।
रेलवे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया। दिल्ली-हावड़ा रूट की लाइन नंबर 3 पर ट्रैक फ्रैक्चर हुआ था। काम पूरा होने के बाद सुबह 8.05 बजे रूट पर संचालन सुचारु हो सका।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार को बड़ा हादसा होते-होते बचा। बृहस्पतिवार सुबह 6.55 बजे गैंगमैन ट्रैक को चेक कर रहे थे। गौशाला फाटक के पास लाइन नंबर 3 में ज्वाइंट पर ट्रैक टूटा हुआ दिखाई दिया।
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गैंगमैन ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। आनन-फानन में इस ट्रैक पर आ रही ट्रेनों को रोकने के निर्देश दिए गए। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की टीम ने ट्रैक को दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
सुबह 8.05 बजे तक ट्रैक को ठीक कर दिया गया। इस बीच श्रमजीवी एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर तीन पर करीब सवा घंटे और गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस को साहिबाबाद में एक घंटे तक खड़ा किया गया।
ट्रैक पर है ज्यादा लोड
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर ट्रेनों का सबसे ज्यादा लोड है। दिन भर में इस लाइन पर मालगाड़ी समेत पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें करीब 300 से ज्यादा गुजरती हैं। यही वजह है कि ट्रैक को मेंटेंन करने का समय नहीं मिल पाता। साथ ही बदलते मौसम में ट्रैक भी चटक जाते हैं।
क्या कहते हैं सीपीआरओ
रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा का कहना है कि आन ड्यूटी स्टाफ ने टूटे हुए ट्रैक को देख लिया था। इसके बाद तुरंत ट्रैक को ठीक किया गया। फिश प्लेट के पास ट्रैक टूटा था। घटना से ट्रेनें प्रभावित नहीं हुई हैं, क्योंकि इस रूट पर चार लाइनें हैं। बाकी तीन लाइनों से ट्रेनों को निकाला गया।
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रेलवे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक को दुरुस्त कराने का काम शुरू कर दिया। दिल्ली-हावड़ा रूट की लाइन नंबर 3 पर ट्रैक फ्रैक्चर हुआ था। काम पूरा होने के बाद सुबह 8.05 बजे रूट पर संचालन सुचारु हो सका।
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गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार को बड़ा हादसा होते-होते बचा। बृहस्पतिवार सुबह 6.55 बजे गैंगमैन ट्रैक को चेक कर रहे थे। गौशाला फाटक के पास लाइन नंबर 3 में ज्वाइंट पर ट्रैक टूटा हुआ दिखाई दिया।
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गैंगमैन ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। आनन-फानन में इस ट्रैक पर आ रही ट्रेनों को रोकने के निर्देश दिए गए। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की टीम ने ट्रैक को दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
सुबह 8.05 बजे तक ट्रैक को ठीक कर दिया गया। इस बीच श्रमजीवी एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर तीन पर करीब सवा घंटे और गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस को साहिबाबाद में एक घंटे तक खड़ा किया गया।
ट्रैक पर है ज्यादा लोड
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर ट्रेनों का सबसे ज्यादा लोड है। दिन भर में इस लाइन पर मालगाड़ी समेत पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें करीब 300 से ज्यादा गुजरती हैं। यही वजह है कि ट्रैक को मेंटेंन करने का समय नहीं मिल पाता। साथ ही बदलते मौसम में ट्रैक भी चटक जाते हैं।
क्या कहते हैं सीपीआरओ
रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा का कहना है कि आन ड्यूटी स्टाफ ने टूटे हुए ट्रैक को देख लिया था। इसके बाद तुरंत ट्रैक को ठीक किया गया। फिश प्लेट के पास ट्रैक टूटा था। घटना से ट्रेनें प्रभावित नहीं हुई हैं, क्योंकि इस रूट पर चार लाइनें हैं। बाकी तीन लाइनों से ट्रेनों को निकाला गया।