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अगवा कर डॉक्टर की कर दी थी हत्या

Mon, 17 Oct 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ गाजियाबाद
ब्यूरो अमर उजाला/ गाजियाबाद Updated Mon, 17 Oct 2016 11:46 PM IST
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The doctor had been abducted, killed
अपराध - फोटो : अमर उजाला
वसुंधरा से अगवा किए गए डॉक्टर राजेश गुप्ता की हत्या की जा चुकी है। बदमाशों ने उनके शव को शिकोहाबाद की नहर में फेंका था, हालांकि शव बरामद नहीं हो सका है। इंदिरापुरम पुलिस ने एक हत्यारोपी महिला को गिरफ्तार कर करीब 9 महीने बाद यह सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में तीन आरोपी फरार हैं, जबकि एक आरोपी हरियाणा की जेल में बंद है।
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पकड़ी गई आरोपी मंजू कुमारी निवासी गांव अंदोस थाना पिसावा अलीगढ़ है। उसके साथी अशोक यादव उर्फ वकील निवासी ग्राम कटैनी जसराना फिरोजाबाद, अरुण उर्फ अरविंद्र निवासी वीरपुरा, जारचा गौतमबुद्ध नगर और सोनू निवासी कोतवाली हाथरस फरार हैं, जबकि हाथरस कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला प्रदीप उर्फ दरोगा हरियाणा जेल में बंद है।
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एसपी सिटी सलमान ताज ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 10 अक्तूबर को हरियाणा पुलिस ने पलवल से प्रदीप को गिरफ्तार किया था, वह एक घर को बम से उड़ाने की साजिश रच रहे गैंग में शामिल था।
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पूछताछ में उसने हरियाणा पुलिस को बताया कि उसने मंजू आदि साथियों के साथ वसुंधरा से डॉक्टर राजेश गुप्ता का अपहरण कर उनकी हत्या की थी। हरियाणा पुलिस ने इसकी जानकारी इंदिरापुरम पुलिस को दी तो सोमवार को रेड लाइट वसुंधरा से मंजू को गिरफ्तार कर लिया गया।

मंजू कुमारी ने पुलिस को बताया कि उसका पति से तलाक हो चुका है। उसकी दोस्ती अरुण और प्रदीप से थी। वह नोएडा में इन दोनों के साथ पीजी हॉस्टल में रहती थी। इसी दौरान उन तीनों ने सोनू और अशोक के साथ मिलकर फिरौती के लिए डॉक्टर के अपहरण की साजिश रची।

20 जनवरी 2016 को सुबह करीब 11 बजे डॉक्टर राजेश गुप्ता वसुंधरा सेक्टर-2 स्थित अपने निरंकारी क्लीनिक पर आए तो प्रदीप ने उन्हें अपनी मां की बीमारी के बहाने घर ले जाने लिए कार में बैठा लिया, जिसमें मंजू और अरुण पहले से बैठे थे। कुछ दूर चलकर उन्होंने डॉक्टर को बताया कि फिरौती के लिए उनका अपहरण कर लिया गया है। फिरौती लेकर उन्हें छोड़ दिया जाएगा।

बदमाशों ने रास्ते में उनसे उनका एटीएम कार्ड ले लिया और पासवर्ड नोट कर लिया। वह उन्हें ग्रेटर नोएडा ले गए, जहां से उन्होंने डॉक्टर से उनके क्लीनिक के कंपाउंडर को फोन कराया कि वह आज क्लीनिक नहीं आएंगे।

इसके बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया। बदमाश डाक्टर को यमुना एक्सप्रेस-वे से शिकोहाबाद ले गए। जहां अशोक और सोनू मिले, जो डॉक्टर को नहर के किनारे ले गए। इस दौरान डॉक्टर को होश आ गया।

वह उनसे भिड़ गए और छूटकर भागने लगे। इस पर अशोक ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और शव को हजारा नहर में फेंक दिया। इसके बाद बदमाश डॉक्टर का फोन लेकर दिल्ली आए और उनकी पत्नी को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

डॉक्टर की पत्नी ने 20 लाख रुपये देने से इंकार कर दिया तो उन्होंने उनका फोन तोड़कर रेलवे लाइन पर फेंक दिया। इसके बाद डॉक्टर के एटीएम कार्ड से नोएडा और दिल्ली में दो एटीएम से 37 हजार रुपये निकाले और आपस में बांट लिए।

एसपी सिटी ने बताया कि अशोक, अरुण, प्रदीप और सोनू पर अपहरण, हत्या और लूट के कई केस दर्ज हैं। चारों पहले भी जेल जा चुके हैं। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर के शव को तलाशने और उसके बारे में जानकारी की जा रही है। हो सकता है कहीं अज्ञात में शव में मिला हो।


यह था मामला
डॉक्टर राजेश गुप्ता दिलशाद गार्डन में परिवार के साथ रहते थे। उनका वसुंधरा सेक्टर-2 में निरंकारी के नाम से क्लीनिक था। 20 जनवरी को वह रहस्यमय हालात में गायब हो गए थे, तब से उनका कोई सुराग नहीं था। पहले उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसे बाद में अपहरण की धाराओं में तरमीम कर लिया गया था।
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