{"_id":"58d4112a4f1c1b8a591a3647","slug":"special-teams-will-be-formed-to-prevent-vehicle-theft-in-three-districts","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन जिलों में वाहन चोरी रोकने के लिए बनेगा विशेष दल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन जिलों में वाहन चोरी रोकने के लिए बनेगा विशेष दल
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 24 Mar 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
वाहनों
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने की कवायद लगातार जारी है। प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने बृहस्पतिवार को सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 31 बिंदुओं पर निर्देश जारी किए हैं। इसमें गौतमबुद्ध नगर,
गाजियाबाद व मेरठ पुलिस को वाहन चोरी रोकने के लिए विशेष दल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव व डीजीपी ने इन तीनों जिलों में वाहन चोरी को बड़ी समस्या माना है। अधिकारियों ने कहा कि इन जिलों में रात 12 बजे से तड़के 4 बजे के बीच में सबसे ज्यादा वाहन चोरी हो रहे हैं।
विज्ञापन
कई मामलों में देखना में आया है कि चालक गाड़ी खड़ी कर गया और 30 मिनट में वहां से वाहन चोरी हो गई। इसे रोकने के लिए तीनों जिलों को एंटी व्हीकल थेफ्ट स्क्वायड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।प्रमुख सचिव व डीजीपी ने महिला अपराध, छेड़छाड़, बलात्कार व चेन स्नैचिंग को प्रमुखता से रोकने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
डीजीपी ने कहा कि मेरठ व गाजियाबाद में चेन स्नैचिंग ज्यादा हो रही हैं। ज्यादातर वारदात सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक और शाम 6 बजे रात 9 बजे के बीच होती है। मंगलवार, बुधवार और बृहस्पतिवार को चेन स्नैचिंग ज्यादा होती हैं। छेड़छाड़ संभावित जगहों को चिह्नित कर गश्त बढ़ाई जाए। इसके लिए यूपी-100 की गाड़ियों का प्रयोग किया जा सकता है।
आतंकी मॉड्यूल पर एटीएस के साथ करें कामभोपाल ट्रेन बम धमाके के बाद लखनऊ में मारे गए आईएसआईएस मॉड्यूल के संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के बाद खुफिया एजेंसियों को कई सनसनीखेज सूचनाएं मिली हैं। इस पर डीजीपी ने कहा है कि इस तरह के और मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं। एटीएस एक साथ मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अन्य निर्देश
1. कानून व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस।
2. अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध।
3. 15 मिनट में घटनास्थल पर सहायता उपलब्ध हो।
4. शांति सद्भाव बनाने के लिए नियमित शांति समिति की बैठक हो। शांति सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
5. सोशल मीडिया पर विशेष सतर्कता।
6. अपराध की घटना का 48 घंटे में अनावरण न होने, गोकशी और पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु पर थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी जिम्मेदार होंगे।
7. मीडिया को शीघ्र व सही जानकारी दें।
8. दुर्घटना व क्रिकेट आदि को लेकर बच्चों में लड़ाई से सांप्रदायिक तनाव या बलवा जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। दंगा निरोधक उपकरण से हमेशा लैस रहें।
9. धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए यूपी-100 वाहनों का प्रयोग करें।
10. कहीं भी अभद्र भाषा का प्रयोग न करें। थानों को जनता के प्रति संवेदनशील बनाएं और अच्छा व्यवहार करें। पुलिस की छवि में सुधार हो। टोकाटाकी जारी रहे।
11. उत्सव की आड़ में उपद्रव न हो।
12. थानों में जाति, धर्म व निवास के स्थान पर किसी से भेदभाव न हो।
13. थानों में अवैध उगाही के लिए जारी दलाल, कारखास व ठेकेदारी प्रथा बंद हो।
14. प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहे अधिकारियों की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दें।
15. शत-प्रतिशत एफआईआर हो।
16. हाईवे से शराब की दुकान हटाने में संबंधित विभागों की मदद करें।
17. एनएचआरसी के प्रकरण व लंबित विवेचनाओं का शीघ्रता से निस्तारण करें।