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साहब! मैं गाजियाबाद का जाम हूं...
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 24 Feb 2017 11:28 PM IST
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जाम
- फोटो : अमर उजाला
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‘मैं गाजियाबाद का जाम हूं। वर्षों से सिसक रहा हूं क्योंकि मैं सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गया हूं। विधानसभा में गूंजता तो हूं, मगर कोई भी मेरा समाधान नहीं करता। मैं गाजियाबादियों का सबसे बड़ा दर्द और मर्ज हूं। यहां के लोगों का सबसे ज्यादा वक्त मेरी ही वजह से बर्बाद होता है। बड़े ऑफिस जाने के लिए छटपटाते हैं तो बच्चे स्कूल जाने के लिए।
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जनप्रतिनिधि वक्त-बेवक्त मेरा जिक्र करते हैं, मगर निदान नहीं करते।जिले की आबादी करीब 30 लाख है और यहां की सड़कों पर सवा आठ लाख वाहन दौड़ते हैं। दिल्ली, मेरठ, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और कई अन्य प्रदेशों के भी हजारों वाहन हर रोज यहां से गुजरते हैं।
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80 फीसदी शिक्षण संस्थान, मॉल मल्टीप्लेक्स, शॉप, बारात घर और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पार्किंग नहीं है। आबादी के बीच में बस और टैंपो स्टैंड बने हुए हैं। अतिक्रमण से सड़कें सिकुड़ चुकी हैं। ट्रैफिक पुलिस कम है और सिग्नल नदारद हैं। टैंपों बेलगाम हैं, जिससे हर तरफ जाम का झाम है। एनएच-58 और 24 पर ट्रैफिक ज्यादा है और लेन कम हैं।
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मुख्य जाम प्वाइंटों में एनएच-58 मोदीनगर, मुरादनगर, राजनगर एक्सटेंशन, सिहानी चुंगी, मेरठ रोड तिराहा, मोहननगर, एनएच-24 लालकुआं, विजयनगर बाईपास, जीटी रोड, हापुड़ चुंगी, पुराना बस अड्डा, गोशाला अंडरपास, घंटाघर आदि हैं।
ऐसे हो सकता है सुधार
- जाम से निजात के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था हो
- नालों को पाटकर स्टॉपेज बनाया जाए
- एनएच-24 और 58 आठ-आठ लेन के हों
- बस और टैंपो स्टैंड शहर के बाहर हों
- सड़के अतिक्रमण मुक्त हों
- डिवाइडर, स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग्स और ट्रैफिक सिग्नल लगे हों
- पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस हो, नो एंट्री सिस्टम पर प्रभावी नियंत्रण हो
- चौराहों पर 100 मीटर परिधि को नो पार्किंग जोन बनाएं
- जरूरी स्थलों पर बाईपास और अंडरपास बनें
- ईस्टर्न पेरिफेरल वे बनने के बाद भी जाम से निजात मिलेगी
ट्रैफिक पुलिस का हाल
जनपद में फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के पास दो टीआई, 5 टीएसआई, 29 हेड और 150 कांस्टेबल हैं जबकि यहां 25 टीएसआई, 100 हेड और 500 कांस्टेबल और होने चाहिए।
‘ट्रैफिक में पुलिस बल बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। फिलहाल जो भी संसाधन और फोर्स उपलब्ध है, उसी से जाम से निजात के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।’
- राजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक