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डीएम को खून से पत्र लिख मांगी आत्महत्या की अनुमति
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:31 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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आर्थिंक तंगी और संपत्ति विवाद में कार्रवाई न करने से नाराज दंपति ने परिवार के साथ आत्महत्या की अनुमति मांगी है। उन्होंने इस संबंध में खून से डीएम को पत्र लिखा है। साथ ही महिला ने अपने फेसबुक वॉल पर भी एप्लीकेशन पोस्ट की है।
हालांकि यह पत्र अभी जिलाधिकारी गाजियाबाद तक नहीं पहुंचा है। दंपति का कहना है कि मंगलवार तक पत्र पहुंच जाएगा, उन्होंने स्पीड पोस्ट से पत्र भेजा है। डीएम के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री और आईजी जोन मेरठ को भी पत्र की कॉपी भेजी गई है।
‘सेवा में डीएम गाजियाबाद।’ यह शब्द खून से लिखे होने का दावा है जबकि बाकी एप्लीकेशन बॉल पेन से लिखी हुई है। यह दंपति सचिन-सरिता दिल्ली वसंत कुंज के रहने वाले हैं। इनका आरोप है कि 18 जुलाई को उन्होंने मुरादनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें सरिता ने आरोप लगाया था कि उनके पति गंभीर बीमार है, उन्हें इलाज के लिए खर्च की जरूरत है, मगर उनके पति के परिवारवाले उनकी मदद नहीं कर रहे हैं, वे उनके पति की हिस्से की जमीन भी बेच चुकेहैं।
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वह मदद के लिए गईं तो उनके साथ मारपीट की गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा उन्हें लगातार परेशान किया जाता रहा है। लिहाजा उनके पास आत्महत्या के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। उन्हें परिवार सहित आत्महत्या की अनुमति दी जाए। परिवार में दंपति के अलावा दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी।
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हालांकि यह पत्र अभी जिलाधिकारी गाजियाबाद तक नहीं पहुंचा है। दंपति का कहना है कि मंगलवार तक पत्र पहुंच जाएगा, उन्होंने स्पीड पोस्ट से पत्र भेजा है। डीएम के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री और आईजी जोन मेरठ को भी पत्र की कॉपी भेजी गई है।
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‘सेवा में डीएम गाजियाबाद।’ यह शब्द खून से लिखे होने का दावा है जबकि बाकी एप्लीकेशन बॉल पेन से लिखी हुई है। यह दंपति सचिन-सरिता दिल्ली वसंत कुंज के रहने वाले हैं। इनका आरोप है कि 18 जुलाई को उन्होंने मुरादनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें सरिता ने आरोप लगाया था कि उनके पति गंभीर बीमार है, उन्हें इलाज के लिए खर्च की जरूरत है, मगर उनके पति के परिवारवाले उनकी मदद नहीं कर रहे हैं, वे उनके पति की हिस्से की जमीन भी बेच चुकेहैं।
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वह मदद के लिए गईं तो उनके साथ मारपीट की गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा उन्हें लगातार परेशान किया जाता रहा है। लिहाजा उनके पास आत्महत्या के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। उन्हें परिवार सहित आत्महत्या की अनुमति दी जाए। परिवार में दंपति के अलावा दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी।