{"_id":"58d415e74f1c1b61371a1625","slug":"pfa-officials-become-client-lungur-rescues","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राहक बन पीएफए पदाधिकारियों ने लंगूर को छुड़ाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्राहक बन पीएफए पदाधिकारियों ने लंगूर को छुड़ाया
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 24 Mar 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
monkey
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर में पाले जा रहे एक लंगूर को पीएफए पदाधिकारियों ने फिल्मी स्टाइल में छुड़ा लिया। ग्राहक बनकर पहुंचे पीएफए पदाधिकारी ने पहले लंगूर को खरीदने का प्रस्ताव रखा और सौदा हो जाने के बाद फोन कर पुलिस को बुला लिया। अब लंगूर को वन विभाग की अनुमति लेकर सिटी फॉरेस्ट में छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
इससे पहले बंदर के दो बच्चों को भी सिटी फॉरेस्ट में छोड़ा जा चुका है।पीएफए (पीपल्स फॉर एनिमल) संस्था के पदाधिकारी रुचिन मेहरा ने बताया कि उन्हें कैला भट्ठा क्षेत्र में वन्य जीव लंगूर के बच्चे को घर में बांधकर रखने की सूचना मिली थी। सूचना पर वह पहुंचे और नकली ग्राहक बनकर लंगूर को खरीदने की पेशकश रख दी।
विज्ञापन
मालिक उसे 46 हजार रुपए में बेचने के लिए तैयार हो गया। सौदा तय होने के बाद रुचिन मेहरा ने मौका पाकर विजयनगर पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस ने लंगूर को पकड़कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। रुचिन ने बताया कि वन विभाग की अनुमति से लंगूर को सिटी फॉरेस्ट में छोड़ दिया गया।
विज्ञापन