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काली कमाई का कुबेर: कुसुमलता और पंकज जैन की आंशिक संपत्ति सीज, कोर्ट नाखुश
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:34 AM IST
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नोएडा के चर्चित टेंडर घोटाले में फरार चल रही यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता और ठेकेदार पंकज जैन की आंशिक संपत्ति सीबीआई ने सीज कर ली है। हालांकि कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई को निर्देशित किया है कि आरोपियों की तमाम संपत्ति को कुर्क करके 20 जनवरी तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने विगत तारीख पर नोएडा टेंडर घोटाले में फरार चल रहे कुसुमलता, पंकज जैन, आरडी शर्मा और जेपी सिंह की संपत्ति कुर्क करने का आदेश सीबीआई को दिया था।
इनमें से जूनियर इंजीनियर जेपी सिंह और आरडी शर्मा ने पिछले दिनों कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने सीबीआई को 22 दिसंबर तक का समय दिया था। बृहस्पतिवार को समय समाप्त होने पर सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने ए-10, सेक्टर-51, नोएडा स्थित कुसुमलता के बंद पडे़ फ्लैट को सीज कर दिया है।
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इसी प्रकार सीबीआई ठेकेदार पंकज जैन के नेहरू नगर गाजियाबाद स्थित आवास पर पहुंची। वहां जांच में पता चला कि आवास उनके पिता के नाम है। ऐसे में सीबीआई ने पंकज की कुछ चीजों को एक कमरे में रखकर उसे सीज कर दिया है। इस सीज सामान को उनके पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
इस पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने नाराजगी जताते हुए सीबीआई को निर्देशित किया कि आरोपियों की संपत्ति को जल्द से जल्द कुर्क किया जाए। उन्होंने सीबीआई को अब 20 जनवरी तक का समय दिया है।
दूसरी ओर करोड़ों के इस टेंडर घोटाले में डासना जेल में बंद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे केचीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। इसके साथ ही जेल में बंद रामेंद्र सिंह, देवी राम आर्य, राजीव कुमार, जेपी सिंह, आरडी शर्मा, ओमपाल सिंह, विनोद कुमार गोयल और प्रदीप गर्ग को भी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
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सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने विगत तारीख पर नोएडा टेंडर घोटाले में फरार चल रहे कुसुमलता, पंकज जैन, आरडी शर्मा और जेपी सिंह की संपत्ति कुर्क करने का आदेश सीबीआई को दिया था।
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इनमें से जूनियर इंजीनियर जेपी सिंह और आरडी शर्मा ने पिछले दिनों कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने सीबीआई को 22 दिसंबर तक का समय दिया था। बृहस्पतिवार को समय समाप्त होने पर सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने ए-10, सेक्टर-51, नोएडा स्थित कुसुमलता के बंद पडे़ फ्लैट को सीज कर दिया है।
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इसी प्रकार सीबीआई ठेकेदार पंकज जैन के नेहरू नगर गाजियाबाद स्थित आवास पर पहुंची। वहां जांच में पता चला कि आवास उनके पिता के नाम है। ऐसे में सीबीआई ने पंकज की कुछ चीजों को एक कमरे में रखकर उसे सीज कर दिया है। इस सीज सामान को उनके पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
इस पर विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने नाराजगी जताते हुए सीबीआई को निर्देशित किया कि आरोपियों की संपत्ति को जल्द से जल्द कुर्क किया जाए। उन्होंने सीबीआई को अब 20 जनवरी तक का समय दिया है।
दूसरी ओर करोड़ों के इस टेंडर घोटाले में डासना जेल में बंद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे केचीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। इसके साथ ही जेल में बंद रामेंद्र सिंह, देवी राम आर्य, राजीव कुमार, जेपी सिंह, आरडी शर्मा, ओमपाल सिंह, विनोद कुमार गोयल और प्रदीप गर्ग को भी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।