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डकैती डालकर 100 रुपये शगुन देने वाले गैंग के चार और बदमाश दबोचे

Thu, 19 Jan 2017 11:23 PM IST
अमर उजाला, ब्यूरो /गाजियाबाद
अमर उजाला, ब्यूरो /गाजियाबाद Updated Thu, 19 Jan 2017 11:23 PM IST
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Adding Rs 100 to robbery omen The gang of four and was finally picked up punk
अपराध - फोटो : अमर उजाला
क्राइम ब्रांच ने डकैती डालने के बाद 100 रुपये का शगुन देने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के चार और बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी में 100 से ज्यादा वारदात चुके इस गैंग के सरगना समेत दो लुटेरे अभी भी फरार हैं।
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पकड़े गए बदमाशों में अबरार और वसीम सरधना, मेरठ के हैं, जबकि कैराना शामली के रहने वाले फुरकान और फरमान सगे भाई हैं। अबरार पर 12 और फुरकान पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इन दोनों पर दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं।
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इन्हें एक सूचना पर बृहस्पतिवार रात मुरादनगर में शहजादपुर के रास्ते पर रांगे की फैक्ट्री से दबोचा गया। इनसे दो तमंचे और दो चाकू बरामद हुए हैं। इन्होंने पिछले साल 16 अक्तूबर को मुरादनगर में स्क्रैप कारोबारी शाहिद के घर 40 लाख का डाका डाला था।
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14 दिसंबर को पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया था। तभी से पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी थी। गैंग का सरगना पांच हजार का इनामी शाहिद उर्फ लंगड़ा निवासी जानी मेरठ और आशु उर्फ खालिद निवासी सरधना मेरठ फरार हैं।

एसपी क्राइम प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि यह गैंग रेकी कर रात दो से तड़के चार बजे के बीच वारदात करता है। वारदात के दौरान गैंग के सदस्य एक-दूसरे का नाम लेने के बजाय ठाकुर, नेता, मोटा, बड़े आदि नाम से संबोधित करते हैं। डकैती के बाद खाना खाते हैं और जाते हुए परिवार की महिला को 100 रुपये भी शगुन के तौर पर देते हैं।

इस गैंग ने मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामल, गाजियाबाद, सहारनपुर, हापुड़ समेत वेस्ट यूपी और दिल्ली एनसीआर में 100 से ज्यादा लूट, डकैती की वारदात कर चुके हैं। हालांकि स्क्रैप कारोबारी के घर डकैती मामले में पुलिस इन बदमाशों से लूटे गए कैश और ज्वैलरी में से कुछ बरामद नहीं कर सकी है।
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रेकी कर चांद रात में डालते थे डाका
यह गैंग रेकी कर चांद रात को ही वारदात करते थे। इन्हें अंधविश्वास है कि ऐसा करने पर वह वारदात करने में सफल होंगे। पुलिस से बचने के लिए मोबाइल इस्तेमाल नहीं करते थे। साथ ही हर वारदात के बाद अगली लूट करने के लिए गैंग लीडर बाकी अधिकांश सदस्यों को बदल देता था, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।

इस गैंग ने 24 अक्तूबर की रात ग्राम धौलडी, मेरठ में डकैती डाली थी। इसके अलावा 14 नवंबर को अमीनगर बागपत में सराफ के घर में लूट की थी, जिसमें लूटी गई ज्वैलरी आदि 50 लाख से ज्यादा कीमत की होने का अनुमान है।

ठक-ठक गैंग ने कार से उड़ाए ढाई लाख रुपये  
 भाटिया मोड़ के पास ठक-ठक गैंग के दो बदमाशों ने मोबाइल शॉप संचालक की कार से बैग चोरी कर लिया। बैग में ढाई लाख रुपये, लैपटॉप और पांच मोबाइल फोन थे। पुलिस जांच कर रही है। 

पीड़ित पंकज गर्ग बक्सर, थाना सिंभावली (हापुड़) के रहने वाले हैं और एक मोबाइल शॉप के संचालक हैं। बृहस्पतिवार को दोस्त दीपक और चाचा सुशील के साथ वह कार से करोलबाग, दिल्ली मोबाइल खरीदने जा रहे थे।

दीपक की भी नोएडा में मोबाइल शॉप है। पंकज ने बताया कि उनकी बहन कोटगांव कालोनी, गाजियाबाद में रहती हैं, जिनके घर जाने के लिए उन्होंने कार लालकुआं से कोटगांव की ओर मोड़ ली। जब वह भाटिया पुल पार कर रहे थे तभी काले रंग की बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया।

कई बार इशारा करने पर उन्होंने युवकों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उनकी कार के इंजन से काला तेल निकल रहा है। उन्होंने राकेश मार्ग पर कार रोक ली और बोनट खोल कर देखने लगे। इस बीच बाइक सवारों ने उनकी कार की पिछली सीट पर रखे दो बैग उड़ा लिए और लालकुआं की ओर भाग निकले। 


कार में बैठने पर उन्हें इसका पता चला तो वह सन्न रह गए। उन्होंने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। पकंज ने सिविल लाइंस चौकी में तहरीर दी है। नगर कोतवाल परशुराम का कहना है कि पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 
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