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मुठभेड़ के बाद अंतर्राज्यीय विद्युत तार चोर गैंग दबोचा
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:15 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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कवि नगर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद विद्युत तार चोर अंतर्राज्यीय गैंग के चार चोरों को दबोचा है। इनसे 950 मीटर तार, तार कटिंग के उपकरण, तमंचा और चाकू बरामद हुए हैं।
बृहस्पतिवार को एसएसपी दीपक कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पकड़े गए चोरों में गैंग सरगना फिरोज निवासी बाबूगढ़, मोहित चौधरी निवासी पिलखुवा, योगेंद्र निवासी याद नगर हापुड़ और छोटू उर्फ सुरेंद्र बीबीनगर बुलंदशहर है।
इन्होंने चोरी का तार स्वर्णजयंतीपुरम से मटियाला गांव जाने वाले रास्ते पर बनी पानी की टंकी के पास अर्द्ध निर्मित खंडहरनुमा भवन में छिपाया हुआ था, जिसे बुधवार रात वाहन में भरकर बेचने की फिराक में थे।
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मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी तो चोरों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की और घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। इनकी निशानदेही पर विद्युत खंभों से काट कर चोरी किया हुआ 70 हजार रुपये कीमत का करीब 140 किलोग्राम एल्युमीनियम तार (950 मीटर) बरामद हुआ, जो इन्होंने गुलावठी बुलंदशहर, मुरादनगर, शामली, बागपत, मेरठ आदि स्थानों से चोरी किया था।
इनके खिलाफ बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ और एटा में पहले भी केस दर्ज हैं। इसके अलावा एटा, बुलंदशहर और मेरठ से चारों पहले भी जेल गए हैं। एसएसपी ने बताया कि इनके खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विद्युत विभाग के कर्मचारी तो इनकेसाथ नहीं मिले हुए हैं।
तारों पर रस्सा फेंक कर कराते थे शट डाउन
यह गैंग नए-नए क्षेत्रों में चोरी करता था, जहां विद्युतीकरण हो रहा हो। रेकी करने के बाद वारदात करते थे। चोरी के बाद दोबारा उन स्थानों पर नहीं जाते थे। यह लोग करंट चलती हुई लाइनों के तारों पर चेन और रस्सा फेंक कर शट डाउन कराते थे, इसके बाद खंभों पर चढ़ कर मोटे व असरदार उपकरणों से कनेक्शन को काटकर तारों को चोरी करते थे।
गैंग के अन्य सदस्य जो चोरी किए गए तारों को संभल, मेरठ और दिल्ली में ठिकाने लगाते हैं, उनकी तलाश की जा रही है। एल्युमीनियम के तारों को पिघला कर विभिन्न कामों में लाया जाता है, इसके अलावा विद्युत तारों को औने-पौने दामों पर बेचते भी हैं।
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बृहस्पतिवार को एसएसपी दीपक कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पकड़े गए चोरों में गैंग सरगना फिरोज निवासी बाबूगढ़, मोहित चौधरी निवासी पिलखुवा, योगेंद्र निवासी याद नगर हापुड़ और छोटू उर्फ सुरेंद्र बीबीनगर बुलंदशहर है।
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इन्होंने चोरी का तार स्वर्णजयंतीपुरम से मटियाला गांव जाने वाले रास्ते पर बनी पानी की टंकी के पास अर्द्ध निर्मित खंडहरनुमा भवन में छिपाया हुआ था, जिसे बुधवार रात वाहन में भरकर बेचने की फिराक में थे।
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मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी तो चोरों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की और घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। इनकी निशानदेही पर विद्युत खंभों से काट कर चोरी किया हुआ 70 हजार रुपये कीमत का करीब 140 किलोग्राम एल्युमीनियम तार (950 मीटर) बरामद हुआ, जो इन्होंने गुलावठी बुलंदशहर, मुरादनगर, शामली, बागपत, मेरठ आदि स्थानों से चोरी किया था।
इनके खिलाफ बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ और एटा में पहले भी केस दर्ज हैं। इसके अलावा एटा, बुलंदशहर और मेरठ से चारों पहले भी जेल गए हैं। एसएसपी ने बताया कि इनके खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विद्युत विभाग के कर्मचारी तो इनकेसाथ नहीं मिले हुए हैं।
तारों पर रस्सा फेंक कर कराते थे शट डाउन
यह गैंग नए-नए क्षेत्रों में चोरी करता था, जहां विद्युतीकरण हो रहा हो। रेकी करने के बाद वारदात करते थे। चोरी के बाद दोबारा उन स्थानों पर नहीं जाते थे। यह लोग करंट चलती हुई लाइनों के तारों पर चेन और रस्सा फेंक कर शट डाउन कराते थे, इसके बाद खंभों पर चढ़ कर मोटे व असरदार उपकरणों से कनेक्शन को काटकर तारों को चोरी करते थे।
गैंग के अन्य सदस्य जो चोरी किए गए तारों को संभल, मेरठ और दिल्ली में ठिकाने लगाते हैं, उनकी तलाश की जा रही है। एल्युमीनियम के तारों को पिघला कर विभिन्न कामों में लाया जाता है, इसके अलावा विद्युत तारों को औने-पौने दामों पर बेचते भी हैं।