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सब्जी मंडी में लगी आग, 50 दुकानें जलकर राख
ब्यूरो , अमर उजाला लोनी
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:02 PM IST
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आग
- फोटो : Demo pic
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लालबाग सब्जी मंडी के फल बाजार में शनिवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग से 50 दुकानें जलकर राख हो गई। सूचना के डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। जब तक आढ़तियों का लाखों का नुकसान हो चुका था।
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करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद सात दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। दोपहर में लगी आग रात करीब आठ बजे बुझ सकी। दोपहर करीब पौने तीन बजे लालबाग सब्जी मंडी के फल बाजार में अचानक आग लग गई। इससे सब्जी मंडी में हड़कंप मच गया। आढ़तियों ने आग को बुझाने का प्रयास किया।
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साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लेकिन सब्जीमंडी में अधिक पानी न होने की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया। आरोप है कि लोनी फायर स्टेशन की टीम करीब डेढ घंटे बाद मौके पर पहुंची। आग न बुझती देखकर साहिबाबाद, वैशाली और गाजियाबाद से दमकल गाड़ियों को मंगवाया गया।
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दूसरे फायर स्टेशन से गाड़ियों को पहुंचने में करीब सवा घंटा लगा। जब तक पचास दुकानें जलकर राख हो गई। फल-सब्जी मंडी आढ़ती समिति के अध्यक्ष मान सिंह ने बताया कि करीब दो से ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सूचना पाकर एसडीएम प्रेमरंजन सिंह, तहसीलदार अजीत परेश, नायब तहसीलदार नीरज द्विवेदी, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन विनोद बंसल मौके पर पहुंचे। सीएफओ अक्षय रंजन ने बताया कि शुरुआती जांच में आग का कारण फलों की टोकरी के भूसे में चिंगारी लगना लग रहा है।
आसपास से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं। हो सकता है उनमें से चिंगारी निकली हो। आढ़तियों के आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों पर आग लगाने का आरोप लगाया है। सीएफओ ने बताया कि मंडी के पास जाम लगने के चलते फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई।
सब्जी मंडी की दुकानें बांस और बल्लियों की बनी हुई है। पहले फलों की पेटी में आने वाले कागज और फूस ने आग पकड़ी। इसके साथ ही बांस और बल्लियों में भी आग लग गई। लोगों की माने तो यदि दुकानें ईट और सीमेंट की होती, तो आढ़तियों का इतना नुकसान नहीं होता।
सब्जी मंडी में पार्किंग व्यवस्था नहीं है। सभी दुकानदार दुकानों के आगे ही बाइक खड़ी करते हैं। आग लगी देखकर अचानक भगदड़ मच गई। लोग आग बुझाने में लग गए। इस दौरान वहां खड़ी बाइक भी पूरी तरह से जल गईं।
आढ़तियों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व हर वर्ष मंडी की दुकानों में आग लगाने का काम करते हैं। पिछले वर्ष भी आग लगाई गई थी। इसमें करोड़ों का नुकसान हुआ था। उनकी मानें तो यदि फायर ब्रिगेड समय से पहुंचती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।