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20 दिनों तक फीस न लें पब्लिक स्कूल

Thu, 20 Apr 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Thu, 20 Apr 2017 11:46 PM IST
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Do not take fees for 20 days Public school
फीस न लें पब्लिक स्कूल - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला की खबर का असर दिखने लगा है। स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के मामले पर हंगामे और विवाद के बाद अब प्रशासन ने थोड़ी सी सख्ती दिखाई है। बृहस्पतिवार को प्रशासन ने सभी पब्लिक स्कूलों को लिखित आदेश भेजा है। जिसमें अगले 20 दिनों तक एनुअल चार्ज नहीं लेने के लिए ताकीद किया गया है।

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डीआईओएस के माध्यम से सभी विद्यालयों को सर्कुलर जारी कराया है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि प्रशासन की तय समय सीमा में अगर कोई भी पब्लिक स्कूल फीस लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  
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 प्रशासन ने 18 अप्रैल को स्कूल फेडरेशन और अभिभावकों की संयुक्त बैठक  बुलायी थी। जिसमें जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उसकी प्रतिलिपि सभी स्कूलों को भेजी गई है। एडीएम वित्त राजेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में महज 15 स्कूलों के प्रतिनिधि ही पहुंचे थे।
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मीटिंग में अगले 20 दिनों तक एनुअल चार्ज नहीं लिए जाने पर सहमति बनी थी। बावजूद इसके कई अभिभावकों की शिकायतें मिली थीं कि स्कूल लिखित आदेश उपलब्ध न होने का बहाना लगाकर एनुअल चार्ज ज़मा करने का दबाव बना रहे हैं। इसलिए बृहस्पतिवार को सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर दिया गया है।

एडीएम ने स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर कोई स्कूल आदेशों की अवहेलना करता है तो डीआईओएस को उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। उधर, सेंट मेरी स्कूल के बाहर लगे पेड़ पर अभिभावकों ने बाकायदा एक नोटिस चस्पा कर अभिभावकों को एनुअल फीस जमा न करने की ताकीद की है।

सीबीएसई रूल पर तैयार होगी जांच रिपोर्ट
पब्लिक स्कूलों द्वारा ली जा रही एनुअल फीस को लेकर जिला प्रशासन सीबीएसई डायरेक्टर से भी बात करेगा। एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार ने बताया कि स्कूल फेडरेशन का जवाब आने के बाद सीबीएसई से पूरा पक्ष जाना जाएगा कि क्या सीबीएसई के किसी पब्लिक स्कूल को एनुअल एवं डेवलपमेंट चार्ज लेने का अधिकार है।

पब्लिक स्कूल किन-किन मदों पर फीस के नाम पर पैसा ले सकते हैं, जिन मदों पर स्कूलों को नियम के हिसाब से चार्ज लेने का अधिकार होगा, उन्हीं को इजाजत मिलेगी, इसलिए जिला प्रशासन रिपोर्ट तैयार करने से पहले सारे नियम खंगाल रहा है।

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स्कूल को लौटाना पड़ेगा एनुअल चार्ज
  एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार के मुताबिक जांच रिपोर्ट सीबीएसई द्वारा निर्धारित नियमों के हिसाब से तैयार होगी।  अगर समिति की फाइनडिंग्स तय करती है तो, पब्लिक स्कूलों को अभिभावकों को पैसा लौटाना होगा। नियमों के हिसाब से डेवलपमेंट से लेकर तमाम चार्ज पब्लिक स्कूलों को वसूलने का अधिकार ही नहीं है। एडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
इनसेट
स्कूल फेडरेशन ने की कार्रवाई की निंदा
ऑल इंडिया इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन ने बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सिल्वर लाइन स्कूल में बैठक कर लोनी स्थित सालवान पब्लिक स्कूल पर एसडीएम द्वारा की गई कार्रवाई की निंदा की गई। फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष जैन ने स्कूल प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों से कहा कि जेडी के आदेश सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए हैं, जबकि पब्लिक स्कूलों को शासन से कोई सहायता नहीं मिलती। बैठक को संबोधित करते हुए जेके गौड़ ने कहा कि यदि प्रशासन स्कूलों पर गलत तरीके से कार्रवाई करता है तो वो भी सीएम तक जाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से परहेज नहीं करेंगे। बैठक में गाजियाबाद और टीएचए के पब्लिक स्कूलों के  प्रबंधक और स्कूल प्रिंसिपल शामिल हुए थे।


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सीएम मुलाकात से पहले अभिभावकों ने की बैठक
फीस के मुद्दे पर सीएम से मुलाकात को लेकर बृहस्पतिवार को बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सभी अभिभावक एकमत हो गए। शास्त्री पार्क में संपन्न हुई बैठक में 12 बसें गाजियाबाद से लखनऊ ले जाने पर सहमति बनी, जिनके जरिए बड़ी संख्या में गाजियाबाद के अभिभावकों को सीएम से मिलने के लिए ले जाया जाएगा। अभिभावक विवेक त्यागी ने बताया कि गाजियाबाद के साथ ही नोएडा के अभिभावक भी सीएम से मिलने जाएंगे। बैठक में संजय शर्मा, कपिल कुमार व अन्य अभिभावक मौजूद रहे।

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