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होटल में मिला पतंजलि के डीजीएम का शव
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 24 Feb 2017 11:47 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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अंबेडकर रोड स्थित एक होटल के बाथरूम में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के डीजीएम (उपमहाप्रबंधक) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मैनेजर पिछले छह दिनों से होटल में रुके हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के पेट से जहर मिला है। पुलिस ने जांच के लिए बिसरा प्रिजर्व किया गया है।
मृतक प्रताप वार्ष्णेय (46) पुत्र जेपी वार्ष्णेय मूल रूप से पांडव नगर, आगरा के रहने वाले थे। वर्तमान में वह अवंतिका कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। प्रताप वार्ष्णेय हरिद्वार स्थित पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के आईटी विभाग में उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) थे।
वह छुट्टी के दौरान हरिद्वार से अवंतिका परिवार के पास आते थे। 19 फरवरी को वह गाजियाबाद आए थे और तभी से अंबेडकर रोड स्थित सिटी लॉज होटल के कमरा नंबर 205 में रुके हुए थे। शुक्रवार सुबह 8.30 बजे होटल कर्मचारी मोनू पानी देने कमरा नंबर 205 में गया, तो दरवाजा खुला हुआ था।
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कमरे में जब वह कहीं भी नजर नहीं आए तो मोनू ने बाथरूम की तरफ झांका। बाथरूम में टॉयलेट की सीट पर प्रताप लुढ़के पड़े थे। उनके नाक और मुंह से खून निकल रहा था। मोनू ने तुरंत ही इसकी सूचना अपने मालिक और पुलिस को दी। होटल में दिए गए आईडी के आधार पर उनकी पहचान हुई।
पुलिस की सूचना पर घरवाले मौके पर पहुंचे। इस संबंध में सीओ सेकेंड मनीष मिश्र का कहना है कि मौके से किसी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके अलावा कमरे में भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वहां कोई आया हो।
पुलिस विभिन्न एंगल से मामले की जांच कर रही है। दूसरी ओर जानकारी मिली है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जहर की चुगली कर रही है। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बिसरा प्रिजर्व किया है।
घर पर कम ही रुकते थे प्रताप
आफिस से छुट्टी मिलने के बाद प्रताप हरिद्वार से गाजियाबाद आते थे। वह ब्लड प्रेशर और शूगर के मरीज थे। उनके बेटे का मार्च में बोर्ड एग्जाम है। इसी कारण इस बार वह घर न आकर होटल में रुके थे, जिससे बेटे की पढ़ाई में कोई दिक्कत न आए।
छह दिनों से कमरे में ही रह रहे थे प्रताप
होटल सिटी लॉज के मैनेजर रमेश चंद शर्मा ने बताया कि प्रताप रविवार सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर होटल में आए थे। इसके लिए उन्होंने आगरा की आईडी के रूप में आधार कार्ड जमा कराया था। मैनेजर ने बताया कि प्रताप पिछले छह दिनों से लगातार कमरे में रह रहे थे, वह छह दिनों में तीन-चार बार ही बाहर गए थे।
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मृतक प्रताप वार्ष्णेय (46) पुत्र जेपी वार्ष्णेय मूल रूप से पांडव नगर, आगरा के रहने वाले थे। वर्तमान में वह अवंतिका कालोनी में परिवार के साथ रहते थे। प्रताप वार्ष्णेय हरिद्वार स्थित पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के आईटी विभाग में उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) थे।
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वह छुट्टी के दौरान हरिद्वार से अवंतिका परिवार के पास आते थे। 19 फरवरी को वह गाजियाबाद आए थे और तभी से अंबेडकर रोड स्थित सिटी लॉज होटल के कमरा नंबर 205 में रुके हुए थे। शुक्रवार सुबह 8.30 बजे होटल कर्मचारी मोनू पानी देने कमरा नंबर 205 में गया, तो दरवाजा खुला हुआ था।
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कमरे में जब वह कहीं भी नजर नहीं आए तो मोनू ने बाथरूम की तरफ झांका। बाथरूम में टॉयलेट की सीट पर प्रताप लुढ़के पड़े थे। उनके नाक और मुंह से खून निकल रहा था। मोनू ने तुरंत ही इसकी सूचना अपने मालिक और पुलिस को दी। होटल में दिए गए आईडी के आधार पर उनकी पहचान हुई।
पुलिस की सूचना पर घरवाले मौके पर पहुंचे। इस संबंध में सीओ सेकेंड मनीष मिश्र का कहना है कि मौके से किसी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके अलावा कमरे में भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वहां कोई आया हो।
पुलिस विभिन्न एंगल से मामले की जांच कर रही है। दूसरी ओर जानकारी मिली है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जहर की चुगली कर रही है। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बिसरा प्रिजर्व किया है।
घर पर कम ही रुकते थे प्रताप
आफिस से छुट्टी मिलने के बाद प्रताप हरिद्वार से गाजियाबाद आते थे। वह ब्लड प्रेशर और शूगर के मरीज थे। उनके बेटे का मार्च में बोर्ड एग्जाम है। इसी कारण इस बार वह घर न आकर होटल में रुके थे, जिससे बेटे की पढ़ाई में कोई दिक्कत न आए।
छह दिनों से कमरे में ही रह रहे थे प्रताप
होटल सिटी लॉज के मैनेजर रमेश चंद शर्मा ने बताया कि प्रताप रविवार सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर होटल में आए थे। इसके लिए उन्होंने आगरा की आईडी के रूप में आधार कार्ड जमा कराया था। मैनेजर ने बताया कि प्रताप पिछले छह दिनों से लगातार कमरे में रह रहे थे, वह छह दिनों में तीन-चार बार ही बाहर गए थे।