{"_id":"592db0214f1c1bdf15bdc423","slug":"day-to-day-entrepreneur-try-to-kidnap","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनदहाड़े उद्यमी को अगवा करने की कोशिश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दिनदहाड़े उद्यमी को अगवा करने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
Updated Tue, 30 May 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
kidnapping at gunpoint
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर कार सवार तीन बदमाशों ने एक उद्यमी को उन्हीं की कार में अगवा करने की कोशिश की। हालांकि सामने से अचानक एक ट्रक के आ जाने पर बदमाश अपनी कार में बैठकर फरार हो गए। पुलिस मामले को कार लूट की कोशिश मानकर जांच में जुट गई है।
विज्ञापन
राजनगर सेक्टर-10 निवासी राकेश गर्ग कविनगर औद्योगिक क्षेत्र के ए ब्लॉक में केबल बनाने की फैक्ट्री चलाते हैं और उनकी पत्नी यशोदा अस्पताल में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट हैं। मंगलवार सुबह राकेश फैक्ट्री गए थे। दोपहर करीब एक बजे वह खाना खाने के लिए अपनी कार से फैक्ट्री से घर लौट रहे थे।
विज्ञापन
कार फैक्ट्री से कुछ ही दूर ही पहुंची थी कि काले रंग की सेंट्रो कार में सवार तीन युवकों ने उनकी कार में पीछे से टक्कर मार दी। उन्होंने कार रोक दी तभी दूसरी कार से उतरकर दो युवक उनकी तरफ आए जबकि एक युवक कार में ही बैठा रहा। उनकी कार के पास आए दोनों युवकों ने उनकी कनपटी पर पिस्टल तान दी।
विज्ञापन
ह कुछ समझते इससे पहले ही युवक उन्हें धक्का देकर कार के अंदर धकेलने लगे। इस पर राकेश ने शोर मचा दिया और कार की चाबी निकाल ली। राकेश की आवाज सुनकर आसपास लोग इकट्ठा होने लगे तो बदमाश उनके हाथ से कार की चाबी छीनने लगे। इसी दौरान सामने से एक ट्रक आ गया।
खुद को घिरता देख बदमाश राकेश की कार से कूदे और अपनी कार में बैठकर फरार हो गए। कुछ बाइक सवार युवकों ने कार का पीछा करने की कोशिश की मगर बदमाश तेजी से भाग निकले। सीओ द्वितीय मनीष मिश्र ने बताया कि मामला कार लूट की कोशिश का है। हालांकि रोडरेज के दौरान भी ऐसी घटना हो सकती है।
सीटीवी की फुटेज से बदमाशों की तलाश की जा रही है।
100 नंबर ने फिर दिया धोखा, 12 बार डायल करने पर भी नहीं मिला फोन
पीड़ित राकेश ने बताया कि बदमाशों के भागने के बाद उन्होंने तुरंत अपना मोबाइल निकाला और 100 नंबर डायल किया मगर कॉल ही नहीं लगी। उनके अलावा भीड़ में से भी कई लोगों ने 100 नंबर पर कॉल किया मगर किसी का कॉल नहीं लग सकी। कुल मिलाकर 12 बार 100 नंबर पर कॉल किया गया।
उद्यमियों ने बताया कि 100 नंबर जरूरत पर धोखा दे जाता है। उधर, एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि 100 नंबर के न लगने की शिकायत है तो जांच करवाई जाएगी।