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एक क्लिक पर सामने होंगी अपराधियों की ‘कुंडलियां’
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 02 May 2016 01:50 AM IST
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अफसरों का दावा, क्रिमिनल्स की जानकारी वाला देश का पहला एप
- फोटो : अमर उजाला
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अपराधियों की ‘कुंडलियां’ अब मोबाइल में कैद हो गई हैं। वह एक क्लिक पर स्क्रीन पर होंगी। गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसा मोबाइल एप लांच किया है, जिसमें जिले के सभी अपराधियों का डाटा है।
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आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय ने रविवार को आईएमटी इंस्टीट्यूट में आयोजित पुलिस की कार्यशाला में इस एप को लांच किया। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अपराधियों के डाटा वाला यह देश का पहला एप है।
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आईजी ने बताया कि इस एप का नाम क्राइम एंड क्रिमिनल डाटा बेस (सीसीडी) है। इसमें पांच साल से जेल में बंद और गाजियाबाद के रजिस्टर्ड सभी क्रिमिनल्स की जानकारी होगी। उन पर कितने और कहां-कहां केस दर्ज हैं, यानी पूरा आपराधिक इतिहास भी मोबाइल एप में होगा।
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गाजियाबाद में फिलहाल 168 गैंग्स रजिस्टर्ड हैं। बाद में इसमें जोन के क्रिमिल्स का डाटा भी फीड किया जाएगा। यह एप सिर्फ पुलिसवालों के ही पास होगा। आईजी सुजीत पांडे और एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने कार्यशाला केदौरान कई और बिंदुओं क्भ् भी पुलिसवालों को जानकारियां दीं।
पुलिसवालों को शहरी क्षेत्र में पुलिसिंग करने की टैक्टिक्स, विवेचनाओं की गुणवत्ता तथा पैरवी, फोरेंसिक साइंस की प्रक्रियाएं और बैंक फ्रॉड पकड़ने के टिप्स भी दिए। कार्याशाला सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक चली। इसमें सब-इंस्पेक्टर तक के पुलिस अफसर मौजूद रहे।
ऑटो सेफ्टी एप भी लांच, एक सप्ताह में होगा प्ले स्टोर में
गाजियाबाद। ‘ऑटो सेफ्टी एप’ भी रविवार को आईएमटी के कार्यक्रम में आईजी मेरठ जोन ने लांच किया। एक सप्ताह के भीतर यह आपके मोबाइल के प्ले स्टोर में आ जाएगा।
आईजी ने बताया कि यह एप भी पुलिस के सीसीडी एप में ही मर्ज होगा, लेकिन यह एप जनता के लिए है, लोग इसे डाउनलोड कर पाएंगे।
हाल ही में एसपी सिटी ने इस एप की घोषणा की थी। एप में ऑटो की सारी डिटेल्स होंगी। एप के जरिए परिजनों को ऑटो नंबर और चालक की जानकारी दे सकेंगे। ऑटो चालकों को जारी हुए यूनीक कोड नंबर भी एप में रहेंगे।
इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के बाद जब यात्री सफर के दौरान उस ऑटो का कोड नंबर सिलेक्ट करेगा तो ऑटोमेटिकली तीन मैसेज उन लोगों के पास पहुंच जाएंगे, जिनके मोबाइल नंबर यात्री ने उस एप में सेव किए हुए होंगे।
इसके बाद अगर किसी ऑटो में वारदात होगी तो चालक और ऑटो को आसानी से ट्रेस कर लिया जाएगा। बता दें कि स्नैपडील कर्मचारी दीप्ति के अपहरण के बाद पुलिस इस संबंध में सक्रिय हुई थी।
‘दबिश के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रखें’
गाजियाबाद। दबिश केदौरान पुलिसवालों को सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने चाहिए। विदेशी पुलिस की तरह अलर्ट और सेफ्टी इंतजाम हों, ताकि पुलिसवाले सेफ रहें। आईजी जोन और एसएसपी ने कहा कि अमूमन पुलिसवाले दबिश के दौरान लापरवाही बरतते हैं, जिसका खामियाजा कई बार गंभीर रूप से भुगतना पड़ता है।
लिहाजा दबिश के दौरान सुरक्षा को गंभीरता से लें। बता दें कि पहले बांदा, फिर लोनी और अब नोएडा में पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीनों घटनाओं में पुलिसवालों ने दबिश के दौरान लापरवाही बरती थी और सुरक्षा के पूरे इंतजाम के साथ नहीं गए थे। दोनों अधिकारियों ने यह पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए समझाया।