साहिबाबाद के शक्तिखंड-3 निवासी सीए की बेटी आर्ची का तीसरे दिन भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस पूछताछ में आर्ची की मां सुधा ने एक अज्ञात महिला और बाइक सवार दो युवकों पर अपहरण का शक जताया है। उधर, लापता आर्ची की बरामदगी के लिए लोगों ने मार्च निकालकर बुधवार शाम मंगल बाजार चौक पर जाम लगा दिया।
CM अखिलेश यादव से गुहार लगाने के बाद भी नहीं लगा आर्ची का सुराग, लोगों ने लगाया जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदर्शनकारियों ने यहां जमकर हंगामा किया और एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग की। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक लोगों को जाम से जूझना पड़ा। सीओ इंदिरापुरम ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत किया और जाम खुलवाया। मार्च में शामिल लोगों ने मांग की कि जल्द से जल्द पुलिस आर्ची को ढूंढे।
मार्च शक्तिखंड-3 और इंदिरापुरम के इलाकों से शुरू होकर मंगल चौक पर पहुंचा। जहां मंगल चौक पर बैठकर लोगों ने जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को शांत कराया, जिसके बाद करीब साढ़े छह बजे से लगा जाम रात के आठ बजे खुल सका।
महिला और बाइक सवार दो युवकों पर अपहरण का शक
बीते सोमवार को शक्तिखंड-3 निवासी सीए सुभाष यादव की बेटी आर्ची (12) घर से ही संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गई थी। उसकी मां बड़ी बेटी को लेने घर से बाहर गई थीं। सीओ इंदिरापुरम अनिल यादव ने बताया कि आर्ची की मां सुधा ने बताया है कि जब वह आर्ची को घर में छोड़कर बड़ी बेटी को लेने बाहर निकल रही थीं, उस दौरान एक महिला उनके घर के दरवाजे से कुछ दूरी पर खड़ी थी। इसके अलावा बाइक सवार दो युवकों को उन्होंने एक बड़ा बैग लेकर सामने से आते देखा था। हालांकि बेटी को लेने के लिए देरी के चलते वह जल्दी में निकल गईं थीं। सुधा ने महिला और बाइक सवार दोनों युवकों पर अपहरण का शक जताया है। सीओ ने बताया कि महिला से मिली जानकारी के आधार पर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही छात्रा का पता लगा लिया जाएगा।
मैसेज भेजने वाले बुलंदशहर के युवक को हिरासत में लिया, पूछताछ के बाद छोड़ा
उधर, अनजान नंबर से मैसेज भेजने वाले युवक संदीप को पुलिस ने मंगलवार रात बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया गया। देर रात उसे थाना इंदिरापुरम लाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि एक व्हॉट्स एप ग्रुप पर उसे आर्ची के लापता होने का मैसेज मिला था। उसने नंबर सेव कर लिया था, जिस पर गलती से एक मैसेज चला गया। संदीप के मोबाइल में सुधा का नंबर ट्रिपल ‘ए’ के नाम से सेव था। पुलिस ने जांच के बाद संदीप को छोड़ दिया। उधर, आर्ची के पिता के मोबाइल नंबर पर मंगलवार देर रात एक मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने सिर्फ हैलो बोला और कॉल काट दिया। इसके बाद से नंबर बंद आ रहा है।