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एप का बटन दबाते ही पुलिस होगी आपके द्वार
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:45 AM IST
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शक्ति-100 गाजियाबाद पुलिस एसओएस एप
- फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं-युवतियों और बुजुर्गों की सुरक्षा अब शक्ति-100 गाजियाबाद पुलिस एसओएस एप से होगी। इसमें एक लाल रंग का बटन है, जिसे दबाते ही पुलिस कंट्रोल रूम में लोकेशन का मैसेज फ्लैश हो जाएगा और पुलिस 8 से 10 मिनट में मौके पर पहुंच जाएगी।
एसएसपी केएस एमेनुएल ने शनिवार को पुलिस लाइंस में इस एप को री-लांच किया। दरअसल, पुलिस ने दिसंबर 2014 में यह एप लांच किया था, मगर सही प्रचार-प्रसार न होने के कारण लोग इससे नहीं जुड़ सके।
यही वजह रही कि अभी तक सिर्फ 100 लोगों ने ही इसे डाउनलोड किया है। अब इस एप को अपडेट किया गया है, साथ ही नए फीचर एड किए गए हैं। अब इसमें 10 सेकेंड की वीडियो क्लिप भी बनाकर भेजी जा सकेगी।
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एसएसपी ने अपने मोबाइल से इसका डेमो करके भी देखा। आठ मिनट में पुलिस ने रिस्पांस दिया। एसएसपी ने बताया कि यह एप विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं, कॉलेज गोइंग गर्ल्स और अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए तैयार किया गया है।
हालांकि इस एप को कोई भी डाउनलोड कर पुलिस की मदद ले सकता है। अबकी बार इस एप का मॉल, मल्टीप्लेक्स, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और शिक्षण संस्थानों में भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप पर भी करें शिकायत
एसओएस एप के अलावा पुलिस से फेसबुक (डायल 100 गाजियाबाद), ट्विटर और व्हाट्स एप पर भी शिकायत की जा सकती है। एसएसपी ने एक व्हाट्स एप नंबर (9643322916) भी जारी किया है।
एप: ऐसे करेगा काम
स्मार्ट फोन के प्ले स्टोर से इस एप को डाउनलोड किया जा सकता है। यह महज 3.17 एमबी का है। इसमें अपने दो परिचितों या रिश्तेदारों के नंबर भी सेव किए जाएंगे, पुलिस के अलावा उन पर भी मैसेज और लोकेशन पहुंच जाएगी।
यह लोकेशन हर 15 सेकेंड में अपडेट होगी। पुलिस कंट्रोल रूम में मैसेज फ्लैश होने पर इसकी सूचना नजदीकी पीसीआर को उसके कंप्यूटर एडेड डिस्पेच (सीएडी) से जुड़े डिवाइस (मोबाइल डाटा टर्मिनल) पर प्रेषित करेगा। पीसीआर, कॉलर की वर्तमान लोकेशन ट्रेस कर उस तक पहुंचेगी। मौके पर पहुंचने से पहले अगर कॉलर से बातचीत संभव है तो पीसीआर कर्मचारी उसे फोन भी करेंगे।
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एसएसपी केएस एमेनुएल ने शनिवार को पुलिस लाइंस में इस एप को री-लांच किया। दरअसल, पुलिस ने दिसंबर 2014 में यह एप लांच किया था, मगर सही प्रचार-प्रसार न होने के कारण लोग इससे नहीं जुड़ सके।
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यही वजह रही कि अभी तक सिर्फ 100 लोगों ने ही इसे डाउनलोड किया है। अब इस एप को अपडेट किया गया है, साथ ही नए फीचर एड किए गए हैं। अब इसमें 10 सेकेंड की वीडियो क्लिप भी बनाकर भेजी जा सकेगी।
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एसएसपी ने अपने मोबाइल से इसका डेमो करके भी देखा। आठ मिनट में पुलिस ने रिस्पांस दिया। एसएसपी ने बताया कि यह एप विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं, कॉलेज गोइंग गर्ल्स और अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए तैयार किया गया है।
हालांकि इस एप को कोई भी डाउनलोड कर पुलिस की मदद ले सकता है। अबकी बार इस एप का मॉल, मल्टीप्लेक्स, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और शिक्षण संस्थानों में भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप पर भी करें शिकायत
एसओएस एप के अलावा पुलिस से फेसबुक (डायल 100 गाजियाबाद), ट्विटर और व्हाट्स एप पर भी शिकायत की जा सकती है। एसएसपी ने एक व्हाट्स एप नंबर (9643322916) भी जारी किया है।
एप: ऐसे करेगा काम
स्मार्ट फोन के प्ले स्टोर से इस एप को डाउनलोड किया जा सकता है। यह महज 3.17 एमबी का है। इसमें अपने दो परिचितों या रिश्तेदारों के नंबर भी सेव किए जाएंगे, पुलिस के अलावा उन पर भी मैसेज और लोकेशन पहुंच जाएगी।
यह लोकेशन हर 15 सेकेंड में अपडेट होगी। पुलिस कंट्रोल रूम में मैसेज फ्लैश होने पर इसकी सूचना नजदीकी पीसीआर को उसके कंप्यूटर एडेड डिस्पेच (सीएडी) से जुड़े डिवाइस (मोबाइल डाटा टर्मिनल) पर प्रेषित करेगा। पीसीआर, कॉलर की वर्तमान लोकेशन ट्रेस कर उस तक पहुंचेगी। मौके पर पहुंचने से पहले अगर कॉलर से बातचीत संभव है तो पीसीआर कर्मचारी उसे फोन भी करेंगे।