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बिना डिग्री के भर्ती वालों की नियुक्ति निरस्त
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:56 AM IST
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बिना डिग्री वाले दो की नियुक्ति निरस्त
गाजियाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक ने सीएमओ की रिपोर्ट पर बिना डिग्री के नौकरी पाने वाले दो लोगों की नियुक्ति निरस्त कर दी। अब इस तरह के और भी मामलों की प्रदेश भर में तलाश की जा रही है। साथ ही जो लोग नौकरी में आए हैं, उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी होगा। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र गड़बड़ मिलने पर कार्रवाई होना तय है।
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने एनएचएम के निदेशक को पत्र लिखा था कि एनएचएम के तहत पैरा मेडिकल पदों में एएनएम, स्टाफ नर्स, पीआरओ, लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेंट की नियुक्तियां हुई हैं। 17 जनवरी को चयनित लोगों ने ज्वाइन करने को प्रार्थना पत्र दिया है। कुछ अभ्यर्थियों का यूपी स्टेट फैकल्टी/काउंसिल में पंजीकरण नहीं था। जिनका था उनमें से 90 लोगों को ज्वाइन कराया गया। चयनित अभ्यर्थियों की सूची में क्रम संख्या-3 पर अंकित राहुल कुमार पुत्र रमाशंकर पांडेय आवेदन संख्या यूपी 01350020057934 का एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत स्टाफ नर्स के पद पर चयन हुआ है। ज्वाइन करते समय संज्ञान में आया की राहुल की योग्यता बीए (हिंदी, एजूकेशन और पॉलिटिकल साइंस) है। इनके द्वारा न ही कोई नर्स का डिप्लोमा किया गया है और न ही यह स्टेट फैकल्टी में पंजीकृत हैं। इसके बाद भी इनका प्रथम स्थान पर चयन हो गया। सूची के क्रम संख्या 140 पर अंकित प्रवीना पत्नी चंद्रपाल आवेदन संख्या यूपी 01350020014997 है। प्रवीना का एएनएम के पद पर चयन हुआ है। ज्वाइन करते समय पता लगा कि प्रवीना की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है। कौशल भारत कुशल भारत योजना द्वारा इन्होंने जीडीए का प्रशिक्षण लिया है। एएनएम का डिप्लोमा उनके पास नहीं है। स्टेट फैकल्टी में प्रवीना का पंजीकरण नहीं है। सीएमओ ने बताया कि उनके पत्र के आधार पर राहुल और प्रवीना दोनों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई हैं। बाकी जिलों में इसे दिखवाया जा रहा है।
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गाजियाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक ने सीएमओ की रिपोर्ट पर बिना डिग्री के नौकरी पाने वाले दो लोगों की नियुक्ति निरस्त कर दी। अब इस तरह के और भी मामलों की प्रदेश भर में तलाश की जा रही है। साथ ही जो लोग नौकरी में आए हैं, उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी होगा। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र गड़बड़ मिलने पर कार्रवाई होना तय है।
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने एनएचएम के निदेशक को पत्र लिखा था कि एनएचएम के तहत पैरा मेडिकल पदों में एएनएम, स्टाफ नर्स, पीआरओ, लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेंट की नियुक्तियां हुई हैं। 17 जनवरी को चयनित लोगों ने ज्वाइन करने को प्रार्थना पत्र दिया है। कुछ अभ्यर्थियों का यूपी स्टेट फैकल्टी/काउंसिल में पंजीकरण नहीं था। जिनका था उनमें से 90 लोगों को ज्वाइन कराया गया। चयनित अभ्यर्थियों की सूची में क्रम संख्या-3 पर अंकित राहुल कुमार पुत्र रमाशंकर पांडेय आवेदन संख्या यूपी 01350020057934 का एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत स्टाफ नर्स के पद पर चयन हुआ है। ज्वाइन करते समय संज्ञान में आया की राहुल की योग्यता बीए (हिंदी, एजूकेशन और पॉलिटिकल साइंस) है। इनके द्वारा न ही कोई नर्स का डिप्लोमा किया गया है और न ही यह स्टेट फैकल्टी में पंजीकृत हैं। इसके बाद भी इनका प्रथम स्थान पर चयन हो गया। सूची के क्रम संख्या 140 पर अंकित प्रवीना पत्नी चंद्रपाल आवेदन संख्या यूपी 01350020014997 है। प्रवीना का एएनएम के पद पर चयन हुआ है। ज्वाइन करते समय पता लगा कि प्रवीना की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है। कौशल भारत कुशल भारत योजना द्वारा इन्होंने जीडीए का प्रशिक्षण लिया है। एएनएम का डिप्लोमा उनके पास नहीं है। स्टेट फैकल्टी में प्रवीना का पंजीकरण नहीं है। सीएमओ ने बताया कि उनके पत्र के आधार पर राहुल और प्रवीना दोनों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई हैं। बाकी जिलों में इसे दिखवाया जा रहा है।
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