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रोडरेज में सेल्समैन की मौत
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रोडरेज में सेल्स मैनेजर की मौत
मुरादनगर। पुलिस चौकी से करीब 500 मीटर की दूरी पर रोडरेज में एक व्यक्ति की जान चली गई। कार सवार चार युवकों ने सेल्स मैनेजर को पीट-पीटकर घायल कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचीं, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस के सामने ही सेल्स मैनेजर बेहोश होकर गिर पड़े। पुलिस ने उनको अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बुलंदशहर बीबीनगर के कुचेसर के नंगला उग्रसेेन गांव निवासी सचिन शर्मा (28) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा गाजियाबाद स्थित एक बीमा कंपनी में सेल्स मैनेजर थे। शनिवार रात करीब साढे़ सात बजे सचिन अपनी कार से गाजियाबाद से मेरठ की ओर जा रहे थे। हाइवे पर मोरटा मननधाम मंदिर के पास पहुंचे तो पीछे से आ रही आल्टो कार ने सचिन शर्मा की कार में टक्कर मार दी, जिसमें कार क्षतिग्रस्त हो गई। इस बात को लेकर दोनों कार सवार लोगों में कहासुनी हो गई। मामला गाली गलौज से मारपीट तक पहुंच गया। कार सवार युवकों ने पीट-पीटकर सचिन को घायल कर दिया। मौका पाकर सचिन ने पुलिस के कंट्रोल रूम फोन किया। पुलिस आने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस सचिन शर्मा से घटना की जानकारी ले रही थी, इसी बीच सचिन बेहोश होकर गिर गए। पुलिस ने उन्हें गाजियाबाद संजय नगर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर से उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि सचिन शर्मा के शरीर पर चोट का निशान नहीं थे। हो सकता है घबराहट के कारण हार्ट अटैक आ गया हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश की जाएगी।
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घटना से 500 मीटर दूर है पुलिस चौकी
घटना से पुलिस चौकी की दूरी करीब 500 मीटर है। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचने में 20 मिनट लगा दिए। यदि पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत पहुंच जाती तो उसे बचाया जा सकता था। बताया गया कि जाम लगने के कारण सचिन की गाड़ी टकरा गई थी। इस मार्ग पर आए दिन रोडरेज के मामले होते रहते हैं। छोटे मामलों की तरफ पुलिस का ध्यान नहीं जाता है। वहां मौजूद भीड़ ने भी सचिन को नहीं बचाया।
रोडरेज में पहले भी हो चुकी है हत्या
रोडरेज के दौरान हत्या का यह पहला मामला नहीं है। जुलाई माह में कोयल एंक्लेव के पास बाइक सवार युवकों ने कार सवार युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। नवंबर 2018 में दिल्ली की एक कंपनी में मैनेजर को कार के बोनट पर बैठाकर घुमाया गया था। उनकी काफी पिटाई भी की गई थी। नवंबर में हरसांव गांव निवासी युवक की बाइक को ओवरटेक करके उसके दांत तोड़ दिए थे। मई में गोविंदपुरम के पास बी-फार्मा के छात्र के साथ मारपीट की गई थी।
रोडरेज से ऐसे बचें
- ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
- भीड़भाड़ वाले इलाके में धीरे वाहन चलाएं।
- किसी से गाड़ी टच हो जाती है तो गुस्से पर काबू पाएं।
- खुद की गलती हो तो मान लें। धैर्य से बात करें।
- रोडरेज की घटना के दौरान स्थानीय लोगों से मदद मांगे।
- किसी को फंसा देखें तो उसकी मदद करें।
- आपस में झगड़े से बेहतर है पुलिस को सूचना दें।
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मुरादनगर। पुलिस चौकी से करीब 500 मीटर की दूरी पर रोडरेज में एक व्यक्ति की जान चली गई। कार सवार चार युवकों ने सेल्स मैनेजर को पीट-पीटकर घायल कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचीं, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस के सामने ही सेल्स मैनेजर बेहोश होकर गिर पड़े। पुलिस ने उनको अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बुलंदशहर बीबीनगर के कुचेसर के नंगला उग्रसेेन गांव निवासी सचिन शर्मा (28) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा गाजियाबाद स्थित एक बीमा कंपनी में सेल्स मैनेजर थे। शनिवार रात करीब साढे़ सात बजे सचिन अपनी कार से गाजियाबाद से मेरठ की ओर जा रहे थे। हाइवे पर मोरटा मननधाम मंदिर के पास पहुंचे तो पीछे से आ रही आल्टो कार ने सचिन शर्मा की कार में टक्कर मार दी, जिसमें कार क्षतिग्रस्त हो गई। इस बात को लेकर दोनों कार सवार लोगों में कहासुनी हो गई। मामला गाली गलौज से मारपीट तक पहुंच गया। कार सवार युवकों ने पीट-पीटकर सचिन को घायल कर दिया। मौका पाकर सचिन ने पुलिस के कंट्रोल रूम फोन किया। पुलिस आने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
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प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस सचिन शर्मा से घटना की जानकारी ले रही थी, इसी बीच सचिन बेहोश होकर गिर गए। पुलिस ने उन्हें गाजियाबाद संजय नगर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर से उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि सचिन शर्मा के शरीर पर चोट का निशान नहीं थे। हो सकता है घबराहट के कारण हार्ट अटैक आ गया हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश की जाएगी।
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घटना से 500 मीटर दूर है पुलिस चौकी
घटना से पुलिस चौकी की दूरी करीब 500 मीटर है। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचने में 20 मिनट लगा दिए। यदि पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत पहुंच जाती तो उसे बचाया जा सकता था। बताया गया कि जाम लगने के कारण सचिन की गाड़ी टकरा गई थी। इस मार्ग पर आए दिन रोडरेज के मामले होते रहते हैं। छोटे मामलों की तरफ पुलिस का ध्यान नहीं जाता है। वहां मौजूद भीड़ ने भी सचिन को नहीं बचाया।
रोडरेज में पहले भी हो चुकी है हत्या
रोडरेज के दौरान हत्या का यह पहला मामला नहीं है। जुलाई माह में कोयल एंक्लेव के पास बाइक सवार युवकों ने कार सवार युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। नवंबर 2018 में दिल्ली की एक कंपनी में मैनेजर को कार के बोनट पर बैठाकर घुमाया गया था। उनकी काफी पिटाई भी की गई थी। नवंबर में हरसांव गांव निवासी युवक की बाइक को ओवरटेक करके उसके दांत तोड़ दिए थे। मई में गोविंदपुरम के पास बी-फार्मा के छात्र के साथ मारपीट की गई थी।
रोडरेज से ऐसे बचें
- ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
- भीड़भाड़ वाले इलाके में धीरे वाहन चलाएं।
- किसी से गाड़ी टच हो जाती है तो गुस्से पर काबू पाएं।
- खुद की गलती हो तो मान लें। धैर्य से बात करें।
- रोडरेज की घटना के दौरान स्थानीय लोगों से मदद मांगे।
- किसी को फंसा देखें तो उसकी मदद करें।
- आपस में झगड़े से बेहतर है पुलिस को सूचना दें।