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बेटा न हुआ तो ससुरालियों ने बहू को घर से निकाला
Updated Wed, 26 Sep 2018 05:56 PM IST
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पति व पुलिस के खिलाफ ससुराल के बाहर धरने पर बैठी बहू
गाजियाबाद। बेटा न हुआ तो कविनगर के एक परिवार ने बहू को मारपीट कर घर से निकाल दिया। एक साल से बहू दर-दर की ठोकरें खा रही है। पति और ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कराया तो अदालत ने पति, जेठ व अन्य आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए, लेकिन पुलिस 10 दिन बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई। इससे खफा बहू अब ससुराल के बाहर एक सामाजिक संस्था की महिलाओं के साथ धरने पर बैठ गई। उसने आरोपियों की गिरफ्तारी तक धरना देने की बात कही है।
मूलरूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली मोनिका जैन की शादी अक्तूबर 2008 में कविनगर निवासी टेक्सटाइल एक्सपोर्टर गौरव जैन से हुई थी। उनके ससुर की खेकड़ा, बागपत में टेक्सटाइल की फैक्ट्री है। मोनिका का कहना है कि 2011 में उनके घर में बेटी ने जन्म लिया। तभी से ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे। इसके बाद कई बार जबरन उसका इसलिए गर्भपात करा दिया गया कि उसके गर्भ में कन्या भ्रूण था। आरोप है कि बेटा न होने की वजह से सितंबर 2017 में उसे साजिशन मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। उसकी इकलौती बेटी को भी उससे छीन लिया गया। मोनिका ने पति, जेठ व अन्य ससुरालियों पर मुजफ्फरनगर में केस दर्ज करा रखा है। उनके मुताबिक इस पर बीती 14 सितंबर को कोर्ट से उनके गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। आरोप है कि कविनगर पुलिस आरोपियों को अरेस्ट नहीं कर रही है। मोनिका ने कविनगर चौकी पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाया है। मोनिका का कहना है कि जब तक आरोपी पति व अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वह कविनगर में ससुराल के बाहर धरने से नहीं उठेगी। उनके साथ कांग्रेसी नेता व महिला संगठन की अध्यक्ष पूजा चड्ढा व अन्य कई महिलाएं भी धरने पर बैठी हैं। वहीं कविनगर एसएचओ का कहना है कि महिला से कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा गया है, लेकिन वह नहीं मान रही हैं।
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गाजियाबाद। बेटा न हुआ तो कविनगर के एक परिवार ने बहू को मारपीट कर घर से निकाल दिया। एक साल से बहू दर-दर की ठोकरें खा रही है। पति और ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कराया तो अदालत ने पति, जेठ व अन्य आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए, लेकिन पुलिस 10 दिन बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई। इससे खफा बहू अब ससुराल के बाहर एक सामाजिक संस्था की महिलाओं के साथ धरने पर बैठ गई। उसने आरोपियों की गिरफ्तारी तक धरना देने की बात कही है।
मूलरूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली मोनिका जैन की शादी अक्तूबर 2008 में कविनगर निवासी टेक्सटाइल एक्सपोर्टर गौरव जैन से हुई थी। उनके ससुर की खेकड़ा, बागपत में टेक्सटाइल की फैक्ट्री है। मोनिका का कहना है कि 2011 में उनके घर में बेटी ने जन्म लिया। तभी से ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे। इसके बाद कई बार जबरन उसका इसलिए गर्भपात करा दिया गया कि उसके गर्भ में कन्या भ्रूण था। आरोप है कि बेटा न होने की वजह से सितंबर 2017 में उसे साजिशन मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। उसकी इकलौती बेटी को भी उससे छीन लिया गया। मोनिका ने पति, जेठ व अन्य ससुरालियों पर मुजफ्फरनगर में केस दर्ज करा रखा है। उनके मुताबिक इस पर बीती 14 सितंबर को कोर्ट से उनके गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। आरोप है कि कविनगर पुलिस आरोपियों को अरेस्ट नहीं कर रही है। मोनिका ने कविनगर चौकी पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाया है। मोनिका का कहना है कि जब तक आरोपी पति व अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वह कविनगर में ससुराल के बाहर धरने से नहीं उठेगी। उनके साथ कांग्रेसी नेता व महिला संगठन की अध्यक्ष पूजा चड्ढा व अन्य कई महिलाएं भी धरने पर बैठी हैं। वहीं कविनगर एसएचओ का कहना है कि महिला से कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा गया है, लेकिन वह नहीं मान रही हैं।
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