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Ghaziabad News: फर्जी दस्तावेजों से ममेरे भाई ने फर्म पर लिया 2.75 करोड़ का ऋण
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के ऑफिसर सिटी कॉलोनी निवासी अनुज शर्मा ने अपने ममेरे भाई और पार्टनर पर फर्जी दस्तावेजों से पंजाब नेशनल बैंक से 2.75 करोड़ रुपये का ऋण लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक पर भी आरोपियों से संलिप्तता के आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है।
राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी एक के रहने वाले अनुज शर्मा की सिद्ध एंटरप्राइजेज के नाम से एक फर्म है। उसमें भारी नुकसान होने से वह कर्जदार हो गए। उन्होंने ममेरे भाई संजीव शर्मा से अपनी परिस्थिति व नुकसान होने की बात बताई, तो संजीव ने मदद का आश्वासन देकर अपने साथी लक्ष्य तंवर से उसके लोहियानगर ऑफिस पर मिलवाया। जहां लक्ष्य तंवर ने उनकी नोएडा एक्सटेंशन स्थित संपत्ति का बिल्डर बायर एग्रीमेंट के कागज कब्जे में रखकर 12 लाख रुपये उधार दे दिए। इसका ब्याज वह संजीव शर्मा को देते रहे। ब्याज नहीं देने पर संजीव ने उनके साथ अभद्रता की। फिर उन्होंने लक्ष्य तंवर से उधार की रकम लौटाने में असमर्थता जताई, तो उसने उनकी सिद्ध एंटरप्राइजेज पर मार्च 2016 को दस लाख का मुद्रा लोन दिला दिया। साथ ही पीड़ित से बैंक की चेक बुक पर हस्ताक्षर कर ले लिए। इससे आरोपियों ने अवैध तरीके से लेनदेन किया। आरोप है कि आरोपियों ने मुद्रा लोन के दौरान खाता खोलने व लोन दिलाने के नाम पर बैंक के कागजात पर हस्ताक्षर कराए थे, जिनके जरिए फर्जी दस्तावेजों के जरिए चंद्रनगर की पीएनबी से अनुज एंटरप्राइजेज फर्म के नाम पर 2.75 करोड़ का लोन ले लिया। इसमें जो विनीता छाबड़ा और सीता मेहता को गारंटर बनाया गया, जिन्हें वह नहीं जानते हैं। यह दोनों लक्ष्य तंवर गिरोह के सदस्य हैं। इस फर्म से कई खातों में लेनदेन हुआ है। साथ ही ऋण की रकम भी हड़प ली। एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी की धारा 420, फर्जी दस्तावेज बनाने की धारा 467, जालसाजी की धारा 468, जाली दस्तावेजों को असली दर्शाने की धारा 471, आपराधिक षडयंत्र की धारा 120-बी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी एक के रहने वाले अनुज शर्मा की सिद्ध एंटरप्राइजेज के नाम से एक फर्म है। उसमें भारी नुकसान होने से वह कर्जदार हो गए। उन्होंने ममेरे भाई संजीव शर्मा से अपनी परिस्थिति व नुकसान होने की बात बताई, तो संजीव ने मदद का आश्वासन देकर अपने साथी लक्ष्य तंवर से उसके लोहियानगर ऑफिस पर मिलवाया। जहां लक्ष्य तंवर ने उनकी नोएडा एक्सटेंशन स्थित संपत्ति का बिल्डर बायर एग्रीमेंट के कागज कब्जे में रखकर 12 लाख रुपये उधार दे दिए। इसका ब्याज वह संजीव शर्मा को देते रहे। ब्याज नहीं देने पर संजीव ने उनके साथ अभद्रता की। फिर उन्होंने लक्ष्य तंवर से उधार की रकम लौटाने में असमर्थता जताई, तो उसने उनकी सिद्ध एंटरप्राइजेज पर मार्च 2016 को दस लाख का मुद्रा लोन दिला दिया। साथ ही पीड़ित से बैंक की चेक बुक पर हस्ताक्षर कर ले लिए। इससे आरोपियों ने अवैध तरीके से लेनदेन किया। आरोप है कि आरोपियों ने मुद्रा लोन के दौरान खाता खोलने व लोन दिलाने के नाम पर बैंक के कागजात पर हस्ताक्षर कराए थे, जिनके जरिए फर्जी दस्तावेजों के जरिए चंद्रनगर की पीएनबी से अनुज एंटरप्राइजेज फर्म के नाम पर 2.75 करोड़ का लोन ले लिया। इसमें जो विनीता छाबड़ा और सीता मेहता को गारंटर बनाया गया, जिन्हें वह नहीं जानते हैं। यह दोनों लक्ष्य तंवर गिरोह के सदस्य हैं। इस फर्म से कई खातों में लेनदेन हुआ है। साथ ही ऋण की रकम भी हड़प ली। एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी की धारा 420, फर्जी दस्तावेज बनाने की धारा 467, जालसाजी की धारा 468, जाली दस्तावेजों को असली दर्शाने की धारा 471, आपराधिक षडयंत्र की धारा 120-बी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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