44 दिन बाद गाजियाबाद कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई: वकीलों की हड़ताल खत्म होने से फिर गूंजा- मुल्जिम हाजिर हो
वकीलों की हड़ताल खत्म होने से कचहरी में ठेले लगाने वालों को बड़ी राहत मिल गई। उनका काम भी ठप हो गया था। हड़ताल की वजह से आधे से ज्यादा वादकारियों ने कचहरी आना ही बंद कर दिया था।
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वकीलों की हड़ताल समाप्त हो जाने से 44 दिन बाद बृहस्पतिवार को कचहरी अपनी लय में लौट आई। 29 अक्तूबर से चल रहा वकीलों का धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी बंद हुई और कोर्ट में फिर से सुनाई दिया-मुल्जिम हाजिर हों। वकीलों के काम पर लौट आने के बाद पहले दिन 6,235 मामलों में सुनवाई हुई।
कचहरी का नजारा एकदम से बदल गया। बुधवार तक मुख्य द्वार पर ही सुबह से वकील धरना प्रदर्शन करने लग जाते थे। दिनभर नारे गूंजते थे। लेकिन, बृहस्पतिवार की सुबह वकीलों ने सबसे पहले अपने चैंबर खोले। वकीलों के साथ ही हड़ताल पर चल रहे टाइपिस्टों ने टाइप मशीन संभाली। फोटो स्टेट की दुकानों में भी काम शुरू हुआ।
इसी के साथ कचहरी में खोमचे के ठेले लगाने वालों को बड़ी राहत मिल गई। उनका काम भी ठप हो गया था। हड़ताल की वजह से आधे से ज्यादा वादकारियों ने कचहरी आना ही बंद कर दिया था। कई तो केस की अगली तारीख का भी पता नहीं चल पा रहा था। हड़ताल खत्म होने पर दूर-दराज से भी वादकारी आए। बृहस्पतिवार को 250 जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गईं। इनमें से 110 का निस्तारण हो गया।