फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Court acquitted DP Yadav named in attempt to murder

Ghaziabad News: हत्या के प्रयास में नामजद डीपी यादव को अदालत ने किया बरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jul 2023 12:40 AM IST
विज्ञापन
Court acquitted DP Yadav named in attempt to murder
गाजियाबाद। नीतीश कटारा हत्याकांड के मुख्य गवाह अजय कटारा को जहर देकर मारने का प्रयास करने के मामले में आरोपी बनाए गए डीपी यादव समेत तीन लोगों को बुधवार को एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर सहित चार लोग पहले ही बरी किए जा चुके हैं। साहिबाबाद थाने में 18 जुलाई 2007 को सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया गया था। मामले में 18 मार्च 2010 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया और सात गवाह पेश किए गए थे। कोर्ट ने डीपी यादव, तनु चौधरी और सलीम खान को बुधवार को बरी कर दिया।
विज्ञापन

सहायक शासकीय अधिवक्ता श्याम सिंह नागर ने बताया कि थाना साहिबाबाद में 18 जुलाई 2007 को अजय कटारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 जुलाई 2007 को रात करीब नौ बजे अनुज शर्मा व मनोज शर्मा उनके घर पर आए। उनका अपनी पत्नी तनु चौधरी से विवाद चल रहा था। जिसका समझौता कराने के लिए वह लोग उन्हें मोहन नगर मंदिर अपनी गाड़ी में ले गए। वहां पर यतेंद्र नागर, नंदकिशोर गुर्जर व सलीम खान मिले। उन्होंने कहा तनु चौधरी अभी आ रही हैं। इस दौरान उन्हें आलू की टिक्की खाने के लिए दी गई जो उन्हें कड़वी लगी, उन्होंने टिक्की फेंक दी। इसके बाद उन्हें कोल्ड ड्रिंक पिलाने की कोशिश की गई, जिसे उन्होंने फेंक दिया। कटारा ने आरोप लगाया कि टिक्की में जहर था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अकेला छोड़कर सारे लोग फरार गए। उन्होंने फोन कर अपने दोस्त अरुण और सरदार लखबीर सिंह को मौके पर बुलाया। दोस्तों ने उन्हें श्याम लाल पन्ना लाल अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के बाद उनकी जान बची। आरोप लगाया कि डॉक्टर ने दबाव में आकर जहर की रिपोर्ट बदलकर फूड प्वाइजनिंग की रिपोर्ट बना दी।
विज्ञापन

अजय कटारा नाम ने कविनगर निवासी डीपी यादव उर्फ धर्मपाल, कौशांबी निवासी सलीम खान, मधुवन बापूधाम स्थित गार्डन एंक्लेव निवासी तनु चौधरी, अनुज शर्मा, मनोज शर्मा, नंदकिशोर गुर्जर, यतेंद्र नागर को नामजद करते हुए साहिबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जानकारी उन्होंने तत्कालीन एसएसपी गाजियाबाद को दी। एसएसपी गाजियाबाद द्वारा लखनऊ से अभियुक्तों की कॉल डिटेल निकाली गई। घटनास्थल पर अभियुक्तों मोबाइल पर बातचीत की करने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


नीतीश कटारा हत्याकांड में गवाह हैं अजय
अजय कटारा नीतीश कटारा के हत्याकांड में गवाह हैं। अजय कटारा का आरोप था कि मामले में नीतीश कटारा हत्याकांड में अजय कटारा की पूर्व पत्नी तनु चौधरी स्वयं प्रार्थना पत्र देकर पक्षद्रोही साक्षी बन गई थी। उनके साथ घटना के बाद तनु चौधरी वहां से फरार होकर डीपी यादव के संरक्षण में बदायूं रहने लगी थी। मामले में सभी गवाहों को डरा कर पक्षद्रोही घोषित करा दिया था लेकिन अजय कटारा ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध गवाही दी थी, इसीलिए डीपी यादव सहित अन्य अभियुक्त उसकी हत्या करना चाहते थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता का कहना है कि वह मामले में अपील करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed