इंदौर के बाद गाजियाबाद में 'जहरीला' पानी: दिसंबर में 77 नमूने जांच में फेल, 12 महीने की रिपोर्ट आई सामने
गाजियाबाद में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी से पेट संक्रमण के मामले बढ़े हैं। 2025 में 2003 नमूनों में से 539 फेल रहे। वहीं इस महीने दिसंबर में 77 और मई में सबसे ज्यादा 83 नमूने अशुद्ध मिले। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक रिपोर्ट जारी की है।
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। खासकर पेट में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। जनवरी से दिसंबर के बीच जिले में अलग-अलग स्थानों से 2023 पानी के नमूनों की जांच की गई थी, इनमें से 539 नमूने जांच में फेल पाए गए। इनमें पानी में काई और गंदगी पाई गई, जिससे यह पीने योग्य नहीं रहे। दिसंबर 2025 में ही 77 स्थानों पर पानी की नमूने फेल मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सामने आई रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 12 महीने में 2003 स्थानों से पानी के नमूने लिए गए थे, जिनमें से 539 नमूने फेल हो गए। मई महीने में सबसे अधिक 83 नमूने फेल हुए थे, जबकि दिसंबर महीने में 77 स्थानों से पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए। इनमें प्रमुख स्थान प्रेमसुखदेव रेस्टोरेंट, ब्लैक स्टोन बैंक्वेट, सनसाइट बैंक्वेट, वॉव किचन रेस्टोरेंट, झिलमिल ढाबा, एंग्ल पिंक होटल एंड रेस्टोरेंट और वसुंधरा फार्म हाउस हैं। इन जगहों के पानी में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने इन स्थानों पर नोटिस भेजकर उन्हें स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने तीन टीमों को जांच के लिए लगाया है, ताकि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जा सके।
शहर में अधिकांश सोसायटियों में करोड़ों रुपये के फ्लैट हैं, लेकिन पानी के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से बोतलबंद पानी पी रहे हैं। इसके पहले पंचशील वेलिंग्टन बुलंद हाइट्स क्रॉसिंग रिपब्लिक, लैंड क्राफ्ट मेट्रो होम्स बसंतपुर सैथली, नीलपदम कुंज सेक्टर-1 वैशाली, रूपाली कन्फेक्शनरी साहिबाबाद, केडब्ल्यू सृष्टि, क्लाउड नाइन वैशाली, गार्डेनिया गीतांजलि सोसायटी वसुंधरा, आम्रपाली एम्पायर सोसायटी, लोटस सृष्टि सोसायटी, भारत सिटी सोसायटी, फॉर्च्यून रेजीडेंसी, गौड़ सिद्धार्थम सोसायटी, एपेक्स क्राइमलाइन सहित कई वाटर प्लांट और नामी शिक्षण संस्थानों में पानी के नमूने फेल हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने दी चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच की जा रही है, लेकिन कई सोसायटियों की एओए (आवासीय कल्याण संघ) नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। अब विभाग प्रशासन, नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों को विस्तृत जानकारी भेज रहा है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कोशिश यह है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाला जाए। लोगों को सुरक्षित पानी मुहैया कराया जाए। इस दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए विभाग द्वारा जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाले समय में ऐसे संकटों से बचा जा सके।
महीना नमूने लिए गए नमूने फेल
जनवरी - 152 - 73
फरवरी - 148 - 44
मार्च - 134 - 28
अप्रैल -149 - 22
मई - 239 - 83
जून - 182 - 55
जुलाई -162 - 53
अगस्त - 150 - 36
सितंबर - 104 - 17
अक्तूबर - 76 - 02
नवंबर - 200 - 49
दिसंबर - 307 - 77
कुल - 2003 - 539