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स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल न करा पाई कंसलटेंट फर्म

Sat, 24 Jun 2017 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Updated Sat, 24 Jun 2017 11:16 PM IST
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Consortent firm could not be included in the list of smart cities
स्मार्ट सिटी - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद। नगर निगम की कंसलटेंट फर्म लगातार दूसरी बार भी गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल नहीं करा पाई। स्मार्ट सिटी मिशन के दूसरे चरण में भी गाजियाबाद का स्मार्ट सिटी प्रपोजल उसी कंसलटेंट फर्म ने बनाया था, जिसने तीसरे चरण के लिए बनाया है।

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दूसरे चरण में पिछड़ने के बाद नगर निगम ने कंसलटेंट फर्म को बदलने का सुझाव शासन को भेजा था, लेकिन फिर से उसी फर्म को स्मार्ट सिटी प्रपोजल को बनाने की जिम्मेदारी दे दी गई।
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हालांकि दूसरे चरण में सफल रहे वाराणसी का प्रपोजल भी इसी कंसलटेंट फर्म ने तैयार किया था। पिछड़ने का आंकलन करने के बाद कंसलटेंट फर्म व महापौर अशु वर्मा ने माना था कि ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले एरिया को डेवलपमेंट के लिए न चुना जाना दूसरे चरण में दौड़ से बाहर होने का बड़ा कारण रहा। बावजूद इसके इस भूल का सुधार नहीं किया गया। तीसरे चरण में भी नगर निगम ने घंटाघर, चौपला, बजरिया, रेलवे स्टेशन वाले क्षेत्र को एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए नहीं चुना।
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पब्लिक से फीड बैक लेने में भी पिछड़ा
स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करते वक्त शहर के लोगों से फीड बैक लेने में गाजियाबाद के अधिकारी हर बार पिछड़े। इस बार भी कंसलटेंट फर्म पर्याप्त संख्या में फीडबैक नहीं ले सकी, बल्कि दूसरे चरण के फीडबैक को ही इस बार के प्रपोजल से जोड़ दिया गया था। यही नहीं एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए क्षेत्र को चयनित करने में भी जनता के सुझाव को दरकिनार कर दिया गया। खुद ही क्षेत्र चयनित कर दिया गया।


अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एससीपी में क्या ऐसी कमियां रहीं, जिनकी वजह से तीसरे चरण में गाजियाबाद का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल नहीं हो पाया। अभी रैंक और अर्जित किए गए नंबरों की भी जानकारी नहीं मिली है। समीक्षा की जाएगी कि पिछड़ने के कारण क्या रहे, उनमें सुधार किया जाएगा। - चंद्रप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त
 

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