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Ghaziabad News: एमएमजी में बाहर की दवा लिखने की शिकायत, डॉक्टरों को चेतावनी
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गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में निशुल्क इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत सामने आई है। मरीज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। सीएमएस ने संबंधित डॉक्टरों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
मरीजों का कहना है कि अस्पताल की पर्ची के साथ बाहर से खरीदने के लिए दवाओं की अलग पर्ची थमा दी जाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है।
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एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन करीब 2500 से 2600 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार करीब 70 प्रतिशत मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिखी जाती हैं। हालांकि, मरीजों का आरोप है कि कई बार अस्पताल में दवा उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर बाहर से दवा खरीदने की सलाह देते हैं। बाहर की दवाओं पर मरीजों को करीब 500 से 800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद अस्पताल में दवा वितरण व्यवस्था और डॉक्टरों की ओर से लिखी जा रही दवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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हर सप्ताह 1200 से 1400 रुपये खर्च
प्रताप विहार निवासी महिला नम्रता ने सीएमएस को दी लिखित शिकायत में बताया कि वह तीन महीने से त्वचा संक्रमण का इलाज करा रही हैं। अस्पताल में दिखाने के बाद मुख्य पर्ची के साथ बाहर से दवा लेने के लिए अलग पर्ची दे दी जाती है। महिला के मुताबिक हर सप्ताह दवाओं पर 1200 से 1400 रुपये खर्च हो रहे हैं। आर्थिक परेशानी के कारण इलाज जारी रखना भी मुश्किल हो रहा है।
वहीं, विहार क्षेत्र से आए राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनके शरीर पर लाल दाग बने हुए हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि दवा लेने पर करीब 400 से 500 रुपये खर्च हो जाते हैं। पैसे नहीं होने पर कई बार दवा नहीं ले पाते। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि मरीजों की ओर से बाहर की दवा लिखे जाने की कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें मिली हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित की गई है। संबंधित डॉक्टरों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।