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Ghaziabad News: जीएसटी दफ्तर में हंगामा करने वाले व्यापारी के खिलाफ थाने में शिकायत
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गाजियाबाद। जीएसटी विभाग के दफ्तर में कपड़े उतारकर हंगामा करने वाले लोहा व्यापारी अक्षत जैन के खिलाफ विभाग के सहायक आयुक्त ने साहिबाबाद थाने में शिकायत दी गई है। शिकायत में ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारी से अभद्रता करने, राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर सरकार की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया गया है।
उधर, रविवार को विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि चेकिंग के दौरान व्यापारी के वाहन की जांच की गई, जिसमें ई-वे बिल की मियाद खत्म पाई गई थी। नियमानुसार ई-वे बिल माल परिवहन के समय वाहन के साथ होना अनिवार्य है और उसमें निर्धारित अवधि में ही माल को गंतव्य तक पहुंचाना अनिवार्य है। किसी अपरिहार्य कारण से ई-वे बिल की वैधता समाप्त हो जाए तो व्यापारी खुद ही बढ़ा सकता है। ऐसा न करने पर जीएसटी अधिनियम के तहत वाहन को रोककर कार्रवाई की जाती है।
संबंधित व्यापारी का वाहन एक्सपायर ई-वे बिल के साथ माल का परिवहन करते पकड़ा गया था। सूचना मिलने पर फर्म अरिहंत आयरन एंड स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक अक्षत जैन अपने रिश्तेदार और लोहा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विभाग के मोहननगर कार्यालय पहुंचे थे। व्यापारी ने खुद बताया कि आरटीओ ने भी वाहन को पकड़ा था और 50500 रुपये जुर्माना देने के बाद गाड़ी को छोड़ा गया। जीएसटी विभाग के सचल दल दस्ते ने जांच के दौरान एक्सपायर ई-वे बिल के साथ 170 किलोग्राम माल अधिक पाया। जुर्माना जमा कराने के लिए कहा तो व्यापारी ने उत्तेजित होकर चिल्लाना शुरू कर दिया। अधिकारियों और लोहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अतुल जैन के समझाने के बाद भी दबाव बनाने की मंशा से कपड़े उताकर प्रदर्शन किया गया। सोची समझी चाल के तहत सनसनी फैलाने के लिए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, ताकि विभाग और अधिकारियों को बदनाम कर दबाव बनाकर बिना जुर्माना दिए वाहन को छुड़वा लिया जाए।
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व्यापारी ने पहले परिवहन विभाग और बाद में कर विभाग में जुर्माना जमा कराया है, जिससे स्पष्ट है कि विभाग की छवि धूमिल करने के लिए इस तरह का प्रयास किया गया है। वहीं, सचल दल सात इकाई के सहायक आयुक्त अंतरिक्ष श्रीवास्तव की तरफ से लोहा व्यापारी और उनके रिश्तेदार सहित 20-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए थाने में शिकायत दी गई है।
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उधर, रविवार को विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि चेकिंग के दौरान व्यापारी के वाहन की जांच की गई, जिसमें ई-वे बिल की मियाद खत्म पाई गई थी। नियमानुसार ई-वे बिल माल परिवहन के समय वाहन के साथ होना अनिवार्य है और उसमें निर्धारित अवधि में ही माल को गंतव्य तक पहुंचाना अनिवार्य है। किसी अपरिहार्य कारण से ई-वे बिल की वैधता समाप्त हो जाए तो व्यापारी खुद ही बढ़ा सकता है। ऐसा न करने पर जीएसटी अधिनियम के तहत वाहन को रोककर कार्रवाई की जाती है।
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संबंधित व्यापारी का वाहन एक्सपायर ई-वे बिल के साथ माल का परिवहन करते पकड़ा गया था। सूचना मिलने पर फर्म अरिहंत आयरन एंड स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक अक्षत जैन अपने रिश्तेदार और लोहा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विभाग के मोहननगर कार्यालय पहुंचे थे। व्यापारी ने खुद बताया कि आरटीओ ने भी वाहन को पकड़ा था और 50500 रुपये जुर्माना देने के बाद गाड़ी को छोड़ा गया। जीएसटी विभाग के सचल दल दस्ते ने जांच के दौरान एक्सपायर ई-वे बिल के साथ 170 किलोग्राम माल अधिक पाया। जुर्माना जमा कराने के लिए कहा तो व्यापारी ने उत्तेजित होकर चिल्लाना शुरू कर दिया। अधिकारियों और लोहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अतुल जैन के समझाने के बाद भी दबाव बनाने की मंशा से कपड़े उताकर प्रदर्शन किया गया। सोची समझी चाल के तहत सनसनी फैलाने के लिए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, ताकि विभाग और अधिकारियों को बदनाम कर दबाव बनाकर बिना जुर्माना दिए वाहन को छुड़वा लिया जाए।
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व्यापारी ने पहले परिवहन विभाग और बाद में कर विभाग में जुर्माना जमा कराया है, जिससे स्पष्ट है कि विभाग की छवि धूमिल करने के लिए इस तरह का प्रयास किया गया है। वहीं, सचल दल सात इकाई के सहायक आयुक्त अंतरिक्ष श्रीवास्तव की तरफ से लोहा व्यापारी और उनके रिश्तेदार सहित 20-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए थाने में शिकायत दी गई है।