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Ghaziabad News: नंबर प्लेटों में जुगाड़ से आईटीएमएस को धोखा दे रहे शहर के लोग
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संजय नगर से गुजरती बाइक पर लगी साधारण नंबर प्लेट । संवाद
गाजियाबाद। शहर को जाममुक्त करने और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से लगाया गया इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) अब शातिर वाहन चालकों के जुगाड़ के आगे बेबस नजर आ रहा है। ई-चालान से बचने के लिए वाहन चालक नंबर प्लेटों में छेड़छाड़ कर कैमरों को चकमा दे रहे हैं। कोई कालिख पोत रहा है, तो कोई अंक मिटाकर या प्लेट मोड़कर निकल जा रहा है। शहर में ऐसे फॉल्टी नंबर प्लेट वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में कई वाहन इसी हाल में दौड़ते मिले।
सीन एक: जीटी रोड पर एक पार्सल डिलीवरी वाहन के चालक ने चालान से बचने के लिए डिलीवरी की पट्टी से नंबर प्लेट को ढक रखा था।
सीन दो: संजय नगर में तीन सवारी बैठाकर जा रहे दोपहिया वाहन की नंबर प्लेट से एक अंक आधा गायब कर दिया गया था।
सीन तीन : हापुड़ रोड पर एक स्कूटी सवार युवक ने फैंसी नंबर प्लेट से एक नंबर ही मिटा दिया था, ताकि कैमरा पकड़ न सके।
जानकारों के मुताबिक शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर हाई-डेफिनिशन एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगे हैं, जो सिर्फ स्पष्ट और मानक नंबर प्लेट को ही रीड कर पाते हैं। इसी का फायदा उठाकर चालक प्लेट के बीच काली-सफेद टेप चिपका देते हैं, नंबरों को मोड़ देते हैं या जानबूझकर घिसी हुई प्लेट लगाते हैं। इससे या तो चालान किसी और के नाम पर कट जाता है या सिस्टम उसे रीड ही नहीं कर पाता।
रेड लाइट तोड़ने वालों में भी नहीं खौफ- नंबर प्लेट में गड़बड़ी करने वालों में नियम तोड़ने का डर नहीं है। ट्रैफिक पुलिस रोजाना औसतन एक हजार से अधिक ई-चालान कर रही है। पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो 27,400 लोगों ने रेड लाइट का उल्लंघन किया, जबकि करीब 38,300 लोगों का बिना हेलमेट चालान किया गया।
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फॉल्टी नंबर प्लेट को लेकर भी कार्रवाई हुई है, लेकिन असर कम है। आरटीओ प्रवर्तन डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि पिछले तीन माह में दो हजार से अधिक फॉल्टी नंबर प्लेट वाले वाहनों के चालान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी अभियान चलाकर ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि आईटीएमएस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मैनुअल चेकिंग भी बढ़ाई जाएगी।
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सीन एक: जीटी रोड पर एक पार्सल डिलीवरी वाहन के चालक ने चालान से बचने के लिए डिलीवरी की पट्टी से नंबर प्लेट को ढक रखा था।
सीन दो: संजय नगर में तीन सवारी बैठाकर जा रहे दोपहिया वाहन की नंबर प्लेट से एक अंक आधा गायब कर दिया गया था।
सीन तीन : हापुड़ रोड पर एक स्कूटी सवार युवक ने फैंसी नंबर प्लेट से एक नंबर ही मिटा दिया था, ताकि कैमरा पकड़ न सके।
जानकारों के मुताबिक शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर हाई-डेफिनिशन एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगे हैं, जो सिर्फ स्पष्ट और मानक नंबर प्लेट को ही रीड कर पाते हैं। इसी का फायदा उठाकर चालक प्लेट के बीच काली-सफेद टेप चिपका देते हैं, नंबरों को मोड़ देते हैं या जानबूझकर घिसी हुई प्लेट लगाते हैं। इससे या तो चालान किसी और के नाम पर कट जाता है या सिस्टम उसे रीड ही नहीं कर पाता।
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रेड लाइट तोड़ने वालों में भी नहीं खौफ- नंबर प्लेट में गड़बड़ी करने वालों में नियम तोड़ने का डर नहीं है। ट्रैफिक पुलिस रोजाना औसतन एक हजार से अधिक ई-चालान कर रही है। पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो 27,400 लोगों ने रेड लाइट का उल्लंघन किया, जबकि करीब 38,300 लोगों का बिना हेलमेट चालान किया गया।
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फॉल्टी नंबर प्लेट को लेकर भी कार्रवाई हुई है, लेकिन असर कम है। आरटीओ प्रवर्तन डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि पिछले तीन माह में दो हजार से अधिक फॉल्टी नंबर प्लेट वाले वाहनों के चालान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी अभियान चलाकर ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि आईटीएमएस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मैनुअल चेकिंग भी बढ़ाई जाएगी।

संजय नगर से गुजरती बाइक पर लगी साधारण नंबर प्लेट । संवाद

संजय नगर से गुजरती बाइक पर लगी साधारण नंबर प्लेट । संवाद