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‘बच्चों-महिलाओं को समय से मिले पुष्टाहार’
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 30 Apr 2017 11:18 PM IST
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पुष्टाहार’
- फोटो : demo pic
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‘बच्चों और महिलाओं को पुष्टाहार समय से उपलब्ध कराया जाए। समाज की अगली पीढ़ी को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए पुष्टाहार एवं विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। इस पर एक बड़ी धनराशि सरकार द्वारा खर्च की जाती है।
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विभागीय अधिकारियों का दायित्व है कि बच्चों व महिलाओं को पुष्टाहार समय से गुणवत्तापूर्ण मिले।’ रविवार को यह बात यूपी की बाल विकास पुष्टाहार व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने कही।
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कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित अफसरों की बैठक में राज्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप जन कल्याण की संचालित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। अधिकारी इसके लिए जनसेवा का भाव लेकर पूरी निष्ठा और इमानदारी से काम करें।
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उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह प्रतिमाह निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें।बैठक में डीएम मिनिस्ती एस ने कहा कि समंवित बाल विकास योजना का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करके सामाजिक विकास की नींव डालना है।
इस योजना के माध्यम से 2 से 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य पोषण स्तर में सुधार लाना है। डीएम ने कहा कि कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर के उन्हें कुपोषण के दायरे से बाहर लाया जाए !जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार ने बताया कि जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए जाते हैं।
केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार भी वितरित किया जाता है।बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में अध्यापकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी व एबीएसए स्कूलों का निरीक्षण करें।
शिक्षा की गुणवत्ता एवं मिड डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह, डीआरडीए एसके त्रिपाठी के साथ ही बेसिक शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार, राजस्व आदि विभागों के मंडल के सभी जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे !