फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Chemists' strike leaves patients and attendants scrambling for medicines all day long

Ghaziabad News: केमिस्टों की हड़ताल, दवाओं के लिए दिनभर भटकते रहे मरीज-तीमारदार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
Chemists' strike leaves patients and attendants scrambling for medicines all day long
गाजियाबाद/मोदीनगर/मुरादनगर। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल ने बुधवार को जिलेभर में मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका व्यापक असर देखा गया। गाजियाबाद, मोदीनगर और मुरादनगर में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण जरूरी दवाओं के लिए लोग दिनभर भटकते रहे। कहीं मजबूरी में ऑनलाइन ऑर्डर करना पड़ा तो कहीं बिना दवा लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने अधिक दाम देकर दवाएं खरीदीं।
विज्ञापन

इस बीच केमिस्टों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर ई-कॉमर्स दवाओं की बिक्री पर सख्त रोक लगाने की मांग उठाई। दोपहर के समय गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में केमिस्टों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
विज्ञापन

गाजियाबाद केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने बताया कि जिले में दवा की करीब 3600 दुकानें हैं। उनका दावा है कि 90 फीसदी दुकानें हड़ताल के चलते बंद रहीं। त्यागी ने कहा कि बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधानों के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाओं की बिक्री हो रही है, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने यह भी कहा कि इससे छोटे और लाइसेंसधारी दवा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ रहा है। उन्होंने वर्ष 2018 की अधिसूचना जीएसआर 817(ई) को अप्रासंगिक बताते हुए कहा कि जीएसआर 220(ई) का उपयोग केवल आपात स्थितियों जैसे कोरोनाकाल तक सीमित था, लेकिन अब इसका दुरुपयोग हो रहा है।
----
दिनभर परेशान रहे लोग
दवा की दुकानों के बंद रहने का सबसे अधिक असर मरीजों और तीमारदारों पर पड़ा। जरूरत की दवाओं के लिए लोग पूरे दिन भटकते रहे। भोजपुर के चुड़ियाला गांव निवासी अमित चौधरी ने बताया कि वह पूरे दिन दवा के लिए इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन दुकानें बंद मिलीं। वहीं, अमराला गांव से मोदीनगर आए मो. आबिद को भी बिना दवा लौटना पड़ा। मोदीनगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश शर्मा और महामंत्री दिनेश गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में करीब 99 फीसदी दुकानें बंद रहीं। मुरादनगर में हड़ताल केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष दयानंद त्यागी के नेतृत्व में हुई। उन्होंने बताया कि सभी दुकानदारों ने ई-फार्मेसी के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं।

----
केमिस्टों की चार प्रमुख मांगें

-अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।
-बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री व होम डिलीवरी पर प्रतिबंध लगाया जाए।
-जीएसआर को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

-ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की ओर से अत्यधिक छूट और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर रोक लगाई जाए।
----
लोगों की पीड़ा
ऑनलाइन मंगानी पड़ी दवा

रमते रोड निवासी चित्रा गोयल ने बताया कि मेडिकल स्टोर बंद थे। कई स्थानों पर जाने के बाद पता चला कि आज हड़ताल है। इसके बाद उन्हें अधिक पैसे खर्च कर ऑनलाइन दवा मंगानी पड़ी।
----
नहीं मिल पाई दवा

राजनगर निवासी पवन शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी की दवा खत्म हो गई थी। उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। बुधवार को कई जगह भटकने के बाद दवा नहीं मिल पाई।

---
पूरी मार्केट बंद मिली
राजनगर एक्सटेंशन निवासी मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि वह नई बस्ती में चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवा लेने गई थीं, लेकिन पूरी मार्केट बंद मिली। अब वह ऑनलाइन दवा मंगाने का प्रयास करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed