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Ghaziabad News: सिविल कोर्ट स्टाफ की परीक्षा में किया फर्जीवाड़ा, तीन पर केस
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गाजियाबाद। यूपी सिविल कोर्ट स्टाफ सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट के तहत जूनियर असिस्टेंट और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें आवेदकों ने लिखित परीक्षा के दौरान जो फोटो व फिंगर प्रिंट अपलोड किए वे सत्यापन के दौरान नहीं मिले। गाजियाबाद में ऐसे तीन आवेदक ट्रेस हुए हैं। मामले में जिला न्यायालय के प्रभारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने कविनगर थाने में साक्षी पाठक, नीरज ढाका और रविंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
जिला न्यायालय गाजियाबाद के प्रभारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि हाईकोर्ट की ओर से जिला न्यायालयों में नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट 2022-23 के लिए ऑनलाइन आवेदन निकाले गए। जिसमें कई आवेदकों ने आवेदन किए। परीक्षा केंद्रों पर ही प्रत्येक परीक्षार्थी का फोटो और उनके फिंगर प्रिंट लेकर पोर्टल पर अपलोड किया गया था। सफल परीक्षार्थियों को हाईकोर्ट ने जिले आवंटित किए। प्रत्येक जिला जज को परीक्षार्थियों के दस्तावेज, बायोमेट्रिक तथा डाटा का सत्यापन के बाद उन्हें नियुक्त करने के लिए कहा गया। इसके लिए समितियों का गठन किया गया। समिति ने सफल अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया। 26 मई को राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी सोसायटी निवासी साक्षी पाठक सत्यापन के लिए पहुंचीं। उनका पोर्टल पर उपलब्ध डाटा से फोटो मिलान किया तो उसका मिलान नहीं हुआ। ऐसे ही बागपत के थाना चांदीनगर के गांव ढिकोली निवासी नीरज ढाका और आजमगढ़ के मेहनगर के गांव मुस्तफाबाद निवासी रविंद्र यादव का फोटो भी पोर्टल पर मौजूद डाटा से नहीं मिला। मामले में जांच के बाद समिति ने कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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जिला न्यायालय गाजियाबाद के प्रभारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि हाईकोर्ट की ओर से जिला न्यायालयों में नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट 2022-23 के लिए ऑनलाइन आवेदन निकाले गए। जिसमें कई आवेदकों ने आवेदन किए। परीक्षा केंद्रों पर ही प्रत्येक परीक्षार्थी का फोटो और उनके फिंगर प्रिंट लेकर पोर्टल पर अपलोड किया गया था। सफल परीक्षार्थियों को हाईकोर्ट ने जिले आवंटित किए। प्रत्येक जिला जज को परीक्षार्थियों के दस्तावेज, बायोमेट्रिक तथा डाटा का सत्यापन के बाद उन्हें नियुक्त करने के लिए कहा गया। इसके लिए समितियों का गठन किया गया। समिति ने सफल अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया। 26 मई को राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी सोसायटी निवासी साक्षी पाठक सत्यापन के लिए पहुंचीं। उनका पोर्टल पर उपलब्ध डाटा से फोटो मिलान किया तो उसका मिलान नहीं हुआ। ऐसे ही बागपत के थाना चांदीनगर के गांव ढिकोली निवासी नीरज ढाका और आजमगढ़ के मेहनगर के गांव मुस्तफाबाद निवासी रविंद्र यादव का फोटो भी पोर्टल पर मौजूद डाटा से नहीं मिला। मामले में जांच के बाद समिति ने कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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