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अतिक्रमण का नासूर झेल रहा शहर का ‘दिल’

Tue, 21 Feb 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद Updated Tue, 21 Feb 2017 12:15 AM IST
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Canker faces encroachment from the "heart"
जाम - फोटो : अमर उजाला
एतिहासिकता से आधुनिकता की ओर बढ़ रहे गाजियाबाद शहर ने विकास के कई दौर देखे, लेकिन अतिक्रमण की समस्या दूर नहीं हुई। दूर-दराज की कालोनियां हो या शहर का ‘दिल’ कहा जाने वाला पुराना बस अड्डा क्षेत्र, कोई भी हिस्सा अतिक्रमण के दंश से बचा नहीं है।
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सड़कों से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। निगम ने वर्षों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान नहीं चलाया। अफसरों की इसी चुप्पी के कारण अब अतिक्रमण शहर के लिए ‘नासूर’ बनने लगा है। ‘अमर उजाला’ ने शहर के इस ज्वलंत मुद्दे पर मुहिम शुरू की है, ताकि इसके लिए जिम्मेदार अफसरों की नींद टूटे।
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फुटपाथ भी कब्जा लिए अतिक्रमण करने वालों ने
पुराना बस अड्डा परिसर के दो तरफ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ बनाए गए थे। इस व्यस्त क्षेत्र में बसों और अन्य वाहनों की आपाधापी के बीच यह फुटपाथ ही लोगों के आने-जाने के लिए एक मात्र सहारा था।
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अतिक्रमण करने वालों ने इस फुटपाथ को भी नहीं छोड़ा। अब इस पर ठेले, रेहडियों वालों का कब्जा है। पैदल यात्रियों को अब फुटपाथ पर नहीं सड़क पर ही वाहनों के बीच बचते बचाते निकलना पड़ता है।

लगता है जाम, पब्लिक परेशान
अतिक्रमण न केवल शहर की सुंदरता के लिए ‘दाग’ बन रहा है, बल्कि ट्रैफिक के लिए भी ‘खलनायक ’ बन रहा है। पुराना बस अड्डा, पटेल नगर फर्स्ट, दीनागढ़ी, लोहिया नगर मोड़, मालीवाड़ा और इसके आसपास के एरिया में दिन भर ट्रैफिक जाम रहता है।

ठेले-पटरी वालों के साथ-साथ ऑटो और रिक्शा वाले जाम को और बढ़ा देते हैं। सड़क के किनारे ठेले खड़े होने की वजह से ऑटो चालक बीच रास्ते ऑटो रोककर यात्रियों का इंतजार करते हैं।

महापौर का चुनावी वादा भी हुआ फेल
महापौर अशु वर्मा ने चुनाव के दौरान अपनी प्राथमिकताओं में शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने का मुद्दा भी रखा था। चुनाव जीतने के बाद महापौर भी इस मुद्दे को भूल गए। तकरीबन एक साल के कार्यकाल में उन्होंने भी अतिक्रमण से निपटने के लिए कोई मुहिम नहीं चलवाई।
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पब्लिक  बोली
सुबह 9 बजे से रात 10 बजे के बीच अगर शहर में कहीं जाना हो तो पहले ही जाम में फंसने डर लगने लगता है। अतिक्रमण की वजह से अधिकांश शहर जाम रहता है। - विनोद, बसंत चौक
अतिक्रमण और जाम की समस्या सिर्फ अधिकारियों की देन है। नगर निगम और पुलिस अधिकारी चाहे तो जाम की समस्या एक दिन में खत्म कर सकते हैं। - संजीव, लक्ष्मी विहार निवासी
10 साल में अतिक्रमण की समस्या ज्यादा बढ़ी है। लोग अतिक्रमण करते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर गंभीर नहीं है। कम से कम फुटपाथ तो खाली कराए जाने चाहिए। - अरुण, चौपला निवासी

अधिकारी बोले
अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार तारीख तय की जाती है, लेकिन फोर्स नहीं मिल पाती। फिलहाल पुलिस भी चुनाव में व्यस्त है। अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही प्लानिंग की जाएगी। चुनाव बाद अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर


समय-समय पर अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया गया है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अब पुलिस बल उपलब्ध हो सकेगा। यातायात आवागमन में बाधक बने अतिक्रमण को फोर्स मिलने पर ही हटाया जा सकेगा। - अब्दुल समद, नगरायुक्त 
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