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Ghaziabad News: कांवड़ यात्रा से पहले ही बनकर तैयार हो जाएगा नहर पटरी मार्ग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:56 PM IST
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Canal track route will be ready even before Kanwar Yatra
धीरेंद्र मिश्र
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गाजियाबाद। मुरादनगर गंगनहर से पुरकाजी मुजफ्फरनगर तक 111.49 किलोमीटर लंबे कांवड़ पटरी मार्ग के निर्माण में तीसरी बार परिवर्तन किया गया है। अब नौ की जगह दो मीटर नहर छोड़कर कांवड़-पटरी मार्ग बनाया जाएगा। इस परिवर्तन से लागत में आने वाले खर्च और पेड़ों की बचत होने का दावा किया गया है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पूर्व ही गाजियाबाद क्षेत्र में इस मार्ग का निर्माण पूरा हो जाएगा।
2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद मुरादनगर से नहर की बांयी ओर दो लेन का कांवड़ मार्ग बनाने का निर्णय लिया गया था। चौधरी चरण सिंह के नाम से इस मार्ग को बनाने के लिए 2020 में 628.74 करोड़ का बजट शासन ने स्वीकृत किया था। कोरोना महामारी की वजह से दो साल तक काम रुका रहा। इसके बाद 2023-24 में दोबारा एस्टिमेट बनाया गया। इसमें बजट 701 करोड़ पहुंच गया। अब इस मार्ग के लिए जो एस्टिमेट शासन को भेजा गया है वह 672.48 करोड़ का है। गाजियाबाद में करीब 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इस मार्ग के निर्माण में एक लाख 12 हजार पेड़ों के काटने की बात सामने आने पर कुछ पर्यावरणविद एनजीटी में चले गए। इसके बाद एनजीटी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कटने से दिल्ली-एनसीआर से जुड़े शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या और बढ़ जाएगी। कोर्ट की सख्ती के बाद अब तीसरी पर निर्माण में परिवर्तन कर लोक निर्माण विभाग के मेरठ डिवीजन की ओर से एस्टिमेट तैयार कर शासन को भेजा गया है।
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गाजियाबाद में साढ़े 12 किलोमीटर होगा निर्माण
लोक निर्माण के अधिशासी अभियंता रामराजा ने बताया कि गाजियाबाद में साढ़े 12 किलोमीटर कांवड़ पटरी मार्ग का निर्माण होना है। वन विभाग के साथ किए गए सर्वे में करीब 4200 पेड़ रास्ते में आ रहे थे। करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में मिट्टी का भराव कराने के दौरान 1200 पेड़ काटे गए। हालांकि, 500 पेड़ों को बचाकर का रिप्लांट कराया गया। अब एलाइनमेंट चेंज होने के बाद करीब 3200 पेड़ कटने से बच जाएंगे। पहले नहर से नौ मीटर जगह छोड़कर निर्माण किया जाना था। सिंचाई विभाग की ओर से 20 मीटर जमीन पर निर्माण की अनुमति दी गई थी। अब नहर से दो मीटर छोड़कर ही निर्माण करना है। इससे 50 फीसदी से अधिक पेड़ों की बचत हो जाएगी।
लगाए जाएंगे पांच हजार पेड़
अधिशासी अभियंता ने बताया कि निर्माण में हुए परिवर्तन के बाद गाजियाबाद क्षेत्र में अब कांवड़-पटरी मार्ग के किनारे जगह निकल आई है। जो पेड़ काटे गए गए हैं उनकी भरपाई के लिए मानसून में पटरी मार्ग के किनारे 5000 नए पेड़ विभाग की ओर से लगवाए जाएंगे।

नए परिवर्तन के अनुसार कांवड़ पटरी मार्ग का निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में शुरू हो जाएगा। मिट्टी भराव का काम कराया जा रहा है। कांवड़ शुरू होने से पहले ही गाजियाबाद क्षेत्र में मार्ग का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। - मनीष वर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग
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