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Ghaziabad News: जल चढ़ाने केदारनाथ गए कारोबारी 22 दिन बाद भी नहीं लौटे घर
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लोनी। बॉर्डर थाना क्षेत्र से केदारनाथ में जल चढ़ाने गए अमित विहार कॉलोनी के कारोबारी श्याम सुंदर (34) 22 दिन बाद भी घर नहीं लौटे हैं। उनका अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। वह दिल्ली निवासी अपने जीजा रवि और उनके दोस्त सोनप्रीत व अश्वनी गौतम के साथ बाइक से गए थे। परिजनों ने सोनप्रयाग के थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है।
अमित विहार कॉलोनी निवासी अशोक ने बताया कि उनके बड़े भाई श्याम सुंदर का दिल्ली के सुशीला गार्डन में पावर बैंक बनाने का कारखाना है। पिछले कुछ समय से कारोबार बंद था। परिवार में पत्नी पूजा और दो साल का बेटा आरव है। श्याम सुंदर अपने जीजा रवि और उनके दोस्त सोनप्रीत व अश्वनी के साथ 28 जुलाई को केदारनाथ में जल चढ़ाने गए थे। चारों दो बाइक पर घर से निकले थे। चारों 30 जुलाई को गंगोत्री से गंगाजल लेकर केदारनाथ के बढ़ गए। सोनप्रयाग पहुंचने पर चारों ने सीतापुर की पार्किंग में बाइक खड़ी कर दी थी। इसके बाद पैदल ही यात्रा शुरू कर दी। 31 जुलाई रात करीब सात बजे जीजा रवि ने दिल्ली में अपनी पत्नी आरती से फोन पर आखरी बार बात की थी और बताया था कि वह सभी केदारनाथ से दस किलोमीटर पहले हैं। रास्ते में भारी बारिश हो रही है। मंदिर पहुंचकर उनसे बात करेंगे। इसके बाद से उनका फोन बंद आ रहा है। जीजा के फोन से ही भाई श्याम सुंदर ने अपनी पत्नी पूजा से भी आखरी बार बात की थी। उन्हें बताया कि वहां बरसात हो रही है और उनका फोन भीग जाएगा, यहां सब ठीक हैं। इसके बाद से रवि और उसके दोस्तों का फोन बंद आने लगा। परिवार के लोग रात से उन्हें फोन करने में लगे लेकिन फोन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की पता चला कि आपदा आने से बड़ी घटना हुई है।
-बैग मिला, थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी-
अशोक ने बताया कि परिवार ने तीन दिन तक मौसम सही होने का इंतजार किया। उस बीच बचाव दल के अधिकारियों से संपर्क किया। बाद में परिवार के सदस्य तीन अगस्त को सोनप्रयाग पहुंच गए। उन्होंने पास के थाने में पुलिस से संपर्क किया। वहां चारों की गुमशुदगी दर्ज कराई। काफी तलाश के बाद उन्होंने पुलिस की मदद से रवि का बैग मिला। बैग में बाइकों की चाबी, कपड़े और अन्य सामान मिले। अशोक ने बताया कि वह अब भी उत्तराखंड में रेस्क्यू कर रही टीम से संपर्क कर रहे है। टीम ने बताया कि अभी रेस्क्यू चल रहा है।
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-मां मंदिर में पूजा कर बेटे की सलामति की मांग रही दुआ-
कारोबारी श्याम सुंदर की मां फूलन देवी और उनके पति राजवीर सिंह बीमार रहते हैं। बेटा केदारनाथ गया था। इसके बाद वह नहीं आया तो दोनों घर में रखे मंदिर में पूजा कर बेटे, जमाई समेत अन्यों की सलामति की दुआ मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा सकुशल घर आ जाए। बस वह यही चाहती हैं।
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अमित विहार कॉलोनी निवासी अशोक ने बताया कि उनके बड़े भाई श्याम सुंदर का दिल्ली के सुशीला गार्डन में पावर बैंक बनाने का कारखाना है। पिछले कुछ समय से कारोबार बंद था। परिवार में पत्नी पूजा और दो साल का बेटा आरव है। श्याम सुंदर अपने जीजा रवि और उनके दोस्त सोनप्रीत व अश्वनी के साथ 28 जुलाई को केदारनाथ में जल चढ़ाने गए थे। चारों दो बाइक पर घर से निकले थे। चारों 30 जुलाई को गंगोत्री से गंगाजल लेकर केदारनाथ के बढ़ गए। सोनप्रयाग पहुंचने पर चारों ने सीतापुर की पार्किंग में बाइक खड़ी कर दी थी। इसके बाद पैदल ही यात्रा शुरू कर दी। 31 जुलाई रात करीब सात बजे जीजा रवि ने दिल्ली में अपनी पत्नी आरती से फोन पर आखरी बार बात की थी और बताया था कि वह सभी केदारनाथ से दस किलोमीटर पहले हैं। रास्ते में भारी बारिश हो रही है। मंदिर पहुंचकर उनसे बात करेंगे। इसके बाद से उनका फोन बंद आ रहा है। जीजा के फोन से ही भाई श्याम सुंदर ने अपनी पत्नी पूजा से भी आखरी बार बात की थी। उन्हें बताया कि वहां बरसात हो रही है और उनका फोन भीग जाएगा, यहां सब ठीक हैं। इसके बाद से रवि और उसके दोस्तों का फोन बंद आने लगा। परिवार के लोग रात से उन्हें फोन करने में लगे लेकिन फोन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की पता चला कि आपदा आने से बड़ी घटना हुई है।
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-बैग मिला, थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी-
अशोक ने बताया कि परिवार ने तीन दिन तक मौसम सही होने का इंतजार किया। उस बीच बचाव दल के अधिकारियों से संपर्क किया। बाद में परिवार के सदस्य तीन अगस्त को सोनप्रयाग पहुंच गए। उन्होंने पास के थाने में पुलिस से संपर्क किया। वहां चारों की गुमशुदगी दर्ज कराई। काफी तलाश के बाद उन्होंने पुलिस की मदद से रवि का बैग मिला। बैग में बाइकों की चाबी, कपड़े और अन्य सामान मिले। अशोक ने बताया कि वह अब भी उत्तराखंड में रेस्क्यू कर रही टीम से संपर्क कर रहे है। टीम ने बताया कि अभी रेस्क्यू चल रहा है।
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-मां मंदिर में पूजा कर बेटे की सलामति की मांग रही दुआ-
कारोबारी श्याम सुंदर की मां फूलन देवी और उनके पति राजवीर सिंह बीमार रहते हैं। बेटा केदारनाथ गया था। इसके बाद वह नहीं आया तो दोनों घर में रखे मंदिर में पूजा कर बेटे, जमाई समेत अन्यों की सलामति की दुआ मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा सकुशल घर आ जाए। बस वह यही चाहती हैं।