Ghaziabad: रेस्टोरेंट कारोबारी ने नौवीं मंजिल से कूदकर दी जान, 15 साल से चल रहा था डिप्रेशन का इलाज
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि कारोबारी अजय गुप्ता फ्लैट में पत्नी शिवानी गुप्ता, बड़े बेटे ओम और छोटे बेटे मनन के साथ रह रहे थे। इंदिरापुरम के हेविटेड में एक व नोएडा में उनके दो रेस्टोरेंट संचालित हैं।
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नंदनी मेट्रो स्वीट सोसायटी के नौंवे तल पर स्थित फ्लैट 902 के रहने वाले रेस्टोरेंट कारोबारी अजय गुप्ता (50) ने अपने ही फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसा सोमवार की शाम करीब पांच बजे हुआ। उस समय घर में उनका बड़ा बेटा ओम गुप्ता और नौकर थे। नीचे गिरने की आवाज सुनकर दौड़े युवक ने उन्हें उठाया और परिजनों को बुलाया। कौशांबी स्थित निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने कारोबारी को मृत घोषित कर दिया।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि कारोबारी अजय गुप्ता फ्लैट में पत्नी शिवानी गुप्ता, बड़े बेटे ओम और छोटे बेटे मनन के साथ रह रहे थे। इंदिरापुरम के हेविटेड में एक व नोएडा में उनके दो रेस्टोरेंट संचालित हैं। सोमवार को उनकी पत्नी शिवानी सोसायटी में नीचे टहल रही थीं। वहीं छोटा बेटा रिश्तेदारी में गया हुआ था। बेटा ओम व नौकर घर पर ही थे। शाम करीब पांच बजे कारोबारी अजय गुप्ता फ्लैट की बालकनी से नीचे भू-तल ( ग्राउंड फ्लोर) कूद गए। नीचे मौजूद एक युवक ने तुरंत उन्हें उठाया और परिजनों को सूचना दी। कारोबारी मुंह के बल नीचे गिरे थे।
परिजन घायल कारोबारी को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके माथे और चेहरे पर चोट के साथ-साथ हाथ व शरीर के अन्य हिस्सों में फ्रेक्चर भी हुआ है। हालांक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बाकी स्थिति साफ होगी। एसीपी ने बताया कि पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि अजय गुप्ता का करीब 15 साल से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। न ही किसी तरह के विवाद की बात सामने आई है। एसीपी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती रहे थे कारोबारी
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि जब पुलिस ने उनके परिजनों से पूछताछ की तब पता चला कि कारोबारी डिप्रेशन का शिकार थे। लंबे समय से उनका इलाज तो चल ही रहा था साथ ही जून 2024 में उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती किया गया था। इसके बाद से उनका इलाज भी चल रहा था।
प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा है। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कारोबारी के डिप्रेशन में होने और इलाज चलने की बात भी सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। -स्वतंत्र कुमार सिंह, एसीपी इंदिरापुरम