बुलंदशहर: एमएलसी पद पर भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी का निर्विरोध चुना जाना तय, रालोद प्रत्याशी भाजपा में शामिल
रालोद प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें मीडिया से बात करने से रोक दिया। मीडिया को देखकर वे उन्हें जल्दबाजी में गाड़ी में बैठाकर कलेक्ट्रेट से निकल गए।
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बुलंदशहर-गौतमबुद्धनगर विधान परिषद चुनाव में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। दोपहर में अचानक भाजपा नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं रालोद प्रत्याशी सुनीता ने अपना नामांकन वापस लेने का शपथपत्र सौंप दिया। वहीं, नामांकन पत्रों की जांच में दो निर्दलीय प्रत्याशियों का नामांकन खारिज कर दिया गया। अब भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी का निर्विरोध एमएलसी बनना तय हो गया है। 24 मार्च को नाम वापसी का समय पूरा हो जाने के बाद उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
बुलंदशहर-गौतमबुद्धनगर स्थानीय निकाय एमएलसी पद के लिए सोमवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई थी। जिले में दो निर्दलीय समेत कुल चार प्रत्याशी मैदान में थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय दानवीर लोधी और जगमाल मावई का नामांकन खारिज कर दिया गया। भाजपा के नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं गठबंधन प्रत्याशी को एक बंद कमरे में समझाया गया।
इसके बाद नामांकन कक्ष में डीएम व रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष पहुंचकर उन्होंने नामांकन वापस लेने के लिए शपथ पत्र सौंप दिया। डीएम सीपी सिंह ने वीडियोग्राफी कराते हुए सुनीता शर्मा से पूछा कि किसी दवाब में आकर तो नामांकन वापस नहीं लिया जा रहा है। इस पर सुनीता शर्मा ने दवाब होने से इनकार करते हुए अपनी मर्जी से नामांकन वापस लेने की बात कही।
तीन दिन में दो पाले बदले
सुनीता शर्मा सपा की सदस्य थीं। वह सपा की अरनियां से ब्लॉक प्रमुख रही हैं। एमएलसी चुनाव लड़ने के लिए रविवार को रालोद की सदस्यता ली थी। तीन दिन में ही उन्होंने दो पाले बदल लिए। सपा छोड़कर रालोद और फिर भाजपा का दामन थाम लिया। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष पार्टी की सदस्यता ले ली। सुनीता शर्मा के पति सुभाष शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर अपना नाम वापस लिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी सुनीता शर्मा के पार्टी ज्वाइन करने की पुष्टि की है।
गठबंधन प्रत्याशी सुनीता शर्मा ने बिना किसी दवाब के कारण स्वेच्छा से नाम वापस लेने की बात कही। जबकि दो प्रत्याशियों के नामांकन जांच के दौरान अवैध पाए गए। जिसके चलते उनके नामांकन निरस्त कर दिए गए हैं। 24 को नाम वापसी का समय खत्म होने के बाद ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
- सीपी सिंह, रिटर्निंग ऑफिसर