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बुलंदशहर: सगे भाईयों की हत्या में आठ दोषियों को आजीवन कारावास, 2014 को बच्चों के विवाद में दिया था वारदात को अंजाम
Tue, 31 May 2022 10:50 PM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर।
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 31 May 2022 10:50 PM IST
सार
सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव स्यावली निवासी ओमवीर सिंह ने सात दिसंबर 2014 को तहरीर देकर बताया था कि वह अपने बेटे मोहित के साथ अपने खेत पर खड़ा था तभी गांव निवासी हरविंदर ने आकर मोहित पर आरोप लगाया कि वह उसके बच्चों को पीटता है। इसके बाद उसने अपने साथियों को भी बुला लिया और उन लोगों को पीटने लगा।
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दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाई सजा
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बच्चों के मामूली विवाद के बाद सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव स्यावली में दो सगे भाई मोहित व सुनील की हत्या के दो महिलाओं समेत आठ दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी योगेश कुमार शर्मा के मुताबिक सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव स्यावली निवासी ओमवीर सिंह ने सात दिसंबर 2014 को थाने पर तहरीर देकर बताया था कि सुबह करीब 11 बजे वह अपने बेटे मोहित के साथ अपने खेत पर खड़ा हुआ था। उसी दौरान गांव निवासी हरविंदर वहां हाथ में डंडा लेकर पहुंच गया। उसने आरोप लगाया कि मोहित उसके बच्चों के साथ गाली गलौच करता है।
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उसके अनुसार, मोहित ने कहा कि उसने कभी भी उसके बच्चों के साथ अभद्रता नहीं की। इसी बीच हरविंदर ने अपने रिश्तेदार देवेंद्र उर्फ सूचा, रिश्तेदार सिपाही सोनवीर उर्फ सोनू, मोनू, संदीप, अनुज और महिला रजनी और बाला को मौके पर बुला लिया। सभी के पास अवैध हथियार थे। आरोपियों ने मौके पर पहुंचते ही मोहित को पीटना शुरू कर दिया। शोरगुल होने पर हरविंदर का बड़ा बेटा सुनील भी मौके पर पहुंच गया और बीच-बचाव करने लगा। आरोपियों ने उसको भी पीटना शुरू कर दिया।
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शिकायत के अनुसार, इसी बीच हमलावरों के साथ आए सिपाही सोनवीर उर्फ सोनू ने मोहित और सुनील पर फायरिंग कर दी। सिर में गोली लगने से दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। उस पर एडीजे 14/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट प्रशांत मित्तल के न्यायालय ने सुनवाई के बाद अब सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।