फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   BJP workers burnt the effigy of Akhilesh Yadav and protested

Ghaziabad News: भाजपाइयों ने फूंका अखिलेश यादव का पुतला, प्रदर्शन किया

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
BJP workers burnt the effigy of Akhilesh Yadav and protested
नवयुग मार्केट स्थित आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन करते भाजपा नेता। संवाद - फोटो : संवाद
गाजियाबाद। बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के चित्र के साथ होने पर भाजपाइयों ने बुधवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। नवयुग मार्केट स्थित डॉ. आंबेडकर पार्क में जुटे भाजपा नेताओं ने सबसे पहले प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और इसके बाद प्रदर्शन कर पुतला फूंका। इस मौके पर सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि बाबा साहेब का अपमान समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह प्रयास बाबा साहेब के विचारों को कमजोर करने और उन्हें एक राजनीतिक औजार बनाने की साजिश है। भाजपा दलित समाज के साथ खड़ी है और इस प्रकार की हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देगी। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महामानव की तस्वीर से छेड़छाड़ कर उसमें अपनी तस्वीर जोड़ना समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा किया गया अत्यंत निंदनीय और दुर्भावनापूर्ण कृत्य है। यह न केवल एक घटिया राजनीतिक नौटंकी है, बल्कि करोड़ों दलितों के आत्मसम्मान, संघर्ष और अस्मिता पर सीधा हमला है। भाजपा सदर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव का यह कृत्य दलित समाज के साथ धोखा है। समाजवादी पार्टी को बाबा साहेब की छवि का राजनीतिक उपयोग तुरंत बंद करना चाहिए और अखिलेश यादव को देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। अनुसूचित समाज के राष्ट्रीय नेता अशोक संत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश यादव का यह कदम न केवल बाबा साहेब के आदर्शों का उपहास है, बल्कि दलित समाज की चेतना पर भी आघात है। समाजवादी पार्टी को यह समझना होगा कि बाबा साहेब किसी पार्टी विशेष की नहीं, बल्कि राष्ट्र की धरोहर हैं। अखिलेश यादव दलित समाज से माफी मांगें और अपनी मंशा स्पष्ट करें। अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष अमित कल्याणी ने सवाल उठाया कि आज तक समाजवादी पार्टी में किसी भी दलित नेता को शीर्ष नेतृत्व क्यों नहीं सौंपा गया? क्या दलित समाज केवल पोस्टर और भाषणों के लिए है? दलित समाज अब प्रतीकों के छलावे में नहीं आने वाला। विधायक अजीत पाल त्यागी ने कहा कि अखिलेश यादव की चुप्पी इस अपराध में उनकी सहमति को दर्शाती है। बाबा साहेब का अपमान अब सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर भाजपा मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, पार्षद राजीव शर्मा, सुशील गौतम समेत काफी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed