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Ghaziabad News: तारकोल का संकट बरकरार, नहीं शुरू हो सका निगम की सड़कों का निर्माण
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गोविंदपुरम में टूटी हुई सदरपुर रोड। संवाद
गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र की सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने के नगर आयुक्त के दावे का धरातल पर कोई असर नहीं दिख रहा है। उनके आदेश को महीनाभर होने के बाद भी 85 में से 10 सड़कों का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका। अधिकांश सड़कों पर भी अभी तक काम ही शुरू नहीं हो पाया है। ठेकेदारों ने निगम अधिकारियों से मिलकर साफ कर दिया है कि डिमांड करने के बावजूद भी उनको कंपनियों से तारकोल नहीं मिल रहा है। बिना तारकोल के निर्माण कार्य को शुरू करना संभव नहीं है।
करीब चार माह पहले निगम की 85 सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। इसी बीच पश्चिमी एशिया में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इसके बाद तारकोल की आवक प्रभावित हुई और इसके भाव में ढाई गुना तक इजाफा हो गया। घाटे का हवाला देकर ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद नगर आयुक्त ने शासन को पत्र लिखकर मांग की कि लोक निर्माण विभाग की तरह निगम के ठेकेदारों को भी तारकोल के बढ़े हुए भाव का भुगतान अलग से कराने की व्यवस्था की जाए। लेकिन इस पत्र का कोई असर नहीं हुआ।
23 मई को नगर आयुक्त ने ठेकेदारों के साथ बैठक की। इसके बाद नगर आयुक्त ने दावा किया कि 85 सड़कों का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाएगा। निगम की निर्माण इकाई के अधिकारियों ने ठेकेदारों से तुरंत काम शुरू करने के आदेश दिए, लेकिन उन्होंने तारकोल उपलब्ध न होने का हवाला देकर काम शुरू नहीं किया। ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत त्यागी ने बताया कि निगम को भी ठेकेदारों को अलग से तारकोल के बढ़े हुए भाव का भुगतान करना चाहिए। केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। घाटे के कारण ठेकेदार निगम क्षेत्र में काम नहीं कर पा रहे हैं। इस बारे में निगम की निर्माण इकाई के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया कि ठेकेदारों से वार्ता की जा रही है। जैसे-जैसे तारकोल की उपलब्धता हो रही है, काम शुरू कराया जा रहा है। प्रयास है कि बारिश से पहले ही काम पूरा हो।
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करीब चार माह पहले निगम की 85 सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। इसी बीच पश्चिमी एशिया में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इसके बाद तारकोल की आवक प्रभावित हुई और इसके भाव में ढाई गुना तक इजाफा हो गया। घाटे का हवाला देकर ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद नगर आयुक्त ने शासन को पत्र लिखकर मांग की कि लोक निर्माण विभाग की तरह निगम के ठेकेदारों को भी तारकोल के बढ़े हुए भाव का भुगतान अलग से कराने की व्यवस्था की जाए। लेकिन इस पत्र का कोई असर नहीं हुआ।
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23 मई को नगर आयुक्त ने ठेकेदारों के साथ बैठक की। इसके बाद नगर आयुक्त ने दावा किया कि 85 सड़कों का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाएगा। निगम की निर्माण इकाई के अधिकारियों ने ठेकेदारों से तुरंत काम शुरू करने के आदेश दिए, लेकिन उन्होंने तारकोल उपलब्ध न होने का हवाला देकर काम शुरू नहीं किया। ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत त्यागी ने बताया कि निगम को भी ठेकेदारों को अलग से तारकोल के बढ़े हुए भाव का भुगतान करना चाहिए। केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। घाटे के कारण ठेकेदार निगम क्षेत्र में काम नहीं कर पा रहे हैं। इस बारे में निगम की निर्माण इकाई के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया कि ठेकेदारों से वार्ता की जा रही है। जैसे-जैसे तारकोल की उपलब्धता हो रही है, काम शुरू कराया जा रहा है। प्रयास है कि बारिश से पहले ही काम पूरा हो।
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