{"_id":"6abac7f23b44068b5a0f3f68","slug":"ban-on-commercial-use-of-private-vehicles-in-schools-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-988106-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: स्कूलों में निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: स्कूलों में निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सेफ फ्यूचर मिशन 2.0 के तहत निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। जिले के सभी माध्यमिक, बेसिक और निजी सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि सफेद नंबर प्लेट वाली वैन, कार या ऑटो से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहन पकड़े जाने पर मौके पर ही सीज किए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, कई जगह निजी कारों और वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूलों में लाने-ले जाने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे वाहनों में जरूरी फिटनेस के साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्र और प्राथमिक उपचार किट जैसी व्यवस्थाएं भी नहीं होती हैं। विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन को सीज करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के पंजीकरण (आरसी) को निरस्त करने की संस्तुति भी की जाएगी। स्कूलों को अपने परिसर में आने वाले वाहनों की निगरानी करने और अनधिकृत वाहनों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि केवल व्यावसायिक वाहनों यानी पीली नंबर प्लेट वाले, निर्धारित पीले रंग में रंगे और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को ही स्कूल ड्यूटी में लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जिले में इसके लिए सघन चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा।
विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे कम खर्च के फेर में बच्चों को अनधिकृत वाहनों से स्कूल न भेजें। अभिभावक वाहन के परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए वाहन का इस्तेमाल करें।
अधिकारियों के अनुसार, कई जगह निजी कारों और वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूलों में लाने-ले जाने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे वाहनों में जरूरी फिटनेस के साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्र और प्राथमिक उपचार किट जैसी व्यवस्थाएं भी नहीं होती हैं। विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन को सीज करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के पंजीकरण (आरसी) को निरस्त करने की संस्तुति भी की जाएगी। स्कूलों को अपने परिसर में आने वाले वाहनों की निगरानी करने और अनधिकृत वाहनों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि केवल व्यावसायिक वाहनों यानी पीली नंबर प्लेट वाले, निर्धारित पीले रंग में रंगे और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को ही स्कूल ड्यूटी में लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जिले में इसके लिए सघन चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा।
विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे कम खर्च के फेर में बच्चों को अनधिकृत वाहनों से स्कूल न भेजें। अभिभावक वाहन के परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए वाहन का इस्तेमाल करें।